ट्रैफिक नियम महिलाओं और पुरुषों पर बराबर लागू, पुरुष पुलिस अधिकारी रोक सकते हैं महिला ड्राइवर

ट्रैफिक नियम महिलाओं और पुरुषों पर बराबर लागू, पुरुष पुलिस अधिकारी रोक सकते हैं महिला ड्राइवर

Traffic Rules For Women: अक्सर सोशल मीडिया और लोगों के बीच यह गलत धारणा फैली हुई है कि पुरुष पुलिस अधिकारी महिलाओं को ट्रैफिक चेक के लिए नहीं रोक सकते। लेकिन असलियत यह है कि भारतीय सड़क नियम लिंग-निष्पक्ष हैं। मोटर व्हीकल्स एक्ट के तहत पुरुष या महिला ड्राइवर के लिए नियम समान हैं और सुप्रीम कोर्ट ने ऐसी कोई रोक नहीं लगाई है जो पुरुष पुलिस को महिला ड्राइवर को रोकने से रोकती हो।

नहीं होता भेदभाव

किसी भी ट्रैफिक उल्लंघन की स्थिति में पुलिस को ड्राइवर पुरुष हो या महिला, नियम लागू करने का अधिकार है। दस्तावेज़ जांच, नियम उल्लंघन या चालान जारी करने में कोई भेदभाव नहीं होता। कई राज्यों में पुलिस ने भी यह स्पष्ट किया है कि सभी ड्राइवरों के लिए समान प्रवर्तन होना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश केवल गिरफ्तारी या हिरासत के मामलों में लागू होते हैं, रात के समय महिला पुलिस की मौजूदगी जरूरी होती है। लेकिन साधारण ट्रैफिक चेक या चालान में यह लागू नहीं होता। असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) या उससे ऊपर के रैंक के अधिकारी ही ड्राइविंग लाइसेंस या वाहन दस्तावेज मांग सकते हैं और चालान जारी कर सकते हैं, बिना किसी लिंग भेदभाव के।

महिला ड्राइवरों के खिलाफ एक सख्त अभियान

कुछ राज्यों में रात के समय सुरक्षा और सार्वजनिक सुविधा के कारण महिला अधिकारी तैनात की जाती हैं, लेकिन ये केवल प्रैक्टिस है, कानून नहीं। पुरुष अधिकारी महिलाओं को रात में रोक सकते हैं, बस यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि रोक कानूनी और पेशेवर हो और केवल ट्रैफिक उल्लंघन तक सीमित रहे। 2015 में नवी मुंबई पुलिस ने महिला ड्राइवरों के खिलाफ एक सख्त अभियान चलाया, जिसमें कुछ मामलों में पुरुष पुलिस ने चालान जारी किए। पुलिस ने कहा, “कानून पुरुष और महिला में भेद नहीं करता। पुरुष पुलिस अधिकारी महिला द्वारा वाहन चलाने पर उसे रोक सकते हैं।”

महिलाओं के लिए सुरक्षा उपाय भी स्पष्ट हैं-

-अनुमति मिलने पर दस्तावेज़ दिखाएं

-अकेले पुलिस स्टेशन बुलाया नहीं जा सकता (धारा 160 CrPC)

-रात में गिरफ्तारी के लिए महिला अधिकारी की मौजूदगी जरूरी

-ट्रैफिक चालान और ई-चालान सभी पर समान लागू

-पुलिस का गलत व्यवहार होने पर 112 या राज्य पुलिस शिकायत प्रणाली में रिपोर्ट करें

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