BCCI Junior Selection Committee: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने जूनियर चयन समिति में बड़ा बदलाव करते हुए पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज परविंदर अवाना को अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। खास बात यह है कि अवाना ने भारतीय टीम के लिए सिर्फ 2 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले हैं। वहीं, नई चयन समिति में अंडर-19 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य को भी जगह मिली है।
परविंदर अवाना बने जूनियर चयन समिति के अध्यक्ष
परविंदर अवाना घरेलू क्रिकेट में दिल्ली की ओर से खेल चुके हैं। उन्होंने साल 2012 में इंग्लैंड के खिलाफ भारत के लिए दो टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले थे। हालांकि, उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ज्यादा मौके नहीं मिले, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड शानदार रहा।
अवाना ने अपने प्रथम श्रेणी करियर में 62 मुकाबले खेले और 191 विकेट हासिल किए। वह आईपीएल में किंग्स इलेवन पंजाब की ओर से भी खेल चुके हैं। क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद उन्होंने कोचिंग के क्षेत्र में कदम रखा और दिल्ली की विभिन्न आयु वर्ग की टीमों के साथ काम किया।
जूनियर चयन समिति में इन सदस्यों को मिली जगह
BCCI की नई जूनियर चयन समिति में परविंदर अवाना के अलावा कृष्णा दास, राकेश पटेल और एन. अर्जुन यादव को शामिल किया गया है। समिति में पांचवें सदस्य की नियुक्ति बाद में की जाएगी।
एन. अर्जुन यादव इस समिति का अहम चेहरा हैं। वह साल 2000 में भारत की अंडर-19 विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा रहे थे। उन्होंने हैदराबाद की ओर से घरेलू क्रिकेट खेला और प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 83 मुकाबलों में हिस्सा लिया। क्रिकेट के मैदान पर अनुभव हासिल करने के बाद उन्होंने कोचिंग और क्रिकेट प्रशासन में भी योगदान दिया।
वहीं, कृष्णा दास असम और गोवा की ओर से घरेलू क्रिकेट खेल चुके हैं। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनके नाम 166 विकेट दर्ज हैं। राकेश पटेल भी गुजरात और बड़ौदा की ओर से खेल चुके हैं और कोचिंग के क्षेत्र में अनुभव रखते हैं।
युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने की होगी जिम्मेदारी
जूनियर चयन समिति का मुख्य काम युवा प्रतिभाओं की पहचान करना और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर खेलने के लिए तैयार करना है। समिति अंडर-22 तक की आयु वर्ग की टीमों के चयन, प्रशिक्षण शिविरों और दौरों से जुड़े फैसलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
नई समिति के सामने सबसे बड़ी चुनौती भविष्य के भारतीय क्रिकेटरों को तलाशने की होगी। युवा स्तर पर सही खिलाड़ियों को मौका मिलने से भारतीय टीम की बेंच स्ट्रेंथ मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
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