जूते-चप्पल पहनना माना जाता है अभिशाप! इस गांव में चप्पल पहनने पर मिलती है सजा

जूते-चप्पल पहनना माना जाता है अभिशाप! इस गांव में चप्पल पहनने पर मिलती है सजा

नई दिल्ली: अपने जीवन को बेहतर जीने के लिए एक इंसान को अपनी मूल भूत सुविधाओं की जरूरत होती है। जिसमें से एक ही पांव में जूते-चप्पल पहनना। जिसके बिना हम एक कदम नहीं चल सकते है। हालांकि मंदिरों में जाने के लिए बाहर ही चप्पल-जूते उतार दिए जाते है। जो आम बात है। लेकिन भारत में एक ऐसा गांव है जिसमें जाने से पहले ही चप्पर-जूते उतारे जाते है। यानी कि गांव में एंट्री करने से पहले ही लोगों को अपने चप्पल-जूते उतारने अनिवार्य होते है। ऐसा नहीं करने पर उन को सजा दी जाती है।  

दरअसल दक्षिण भारतीय राज्य के तामिलनाडु के मदुराई से 20 किलोमीटर की दूरी पर कलिमायन नाम का गांव स्थित है। इस गांव के लोग अपने बच्चों को भी चप्पल-जूते बिल्कुल भी नहीं पहनने देते हैं। अगर इस गांव में कोई गलती से जूते या चप्पल पहने लेता है तो उसको काफी सख्त सजा दी जाती है। हालांक इसके वजह एक मान्यता है। बता दें कि इस गांव के लोग अपाच्छी नामक देवता की सदियों से पूजा करते है और उनका बहुत सम्मान करते है। लोगों का कहना है कि अपाच्छी देवता ही उनकी हमेशा रक्षा करते रहते हैं। अपने देवता के प्रति आस्था के कारण गांव की सीमा के अंदर जूते-चप्पल पहनना प्रतिबंधित है।

वहीं इस गांव के लोग सदियों से इस परंपरा को निभाते आ रहे हैं। इतना ही नहीं अगर कोई व्यक्ति बाहर से इस गांव में आता हा तो उस व्यक्ति के भी जूते चप्पल उतरवा लेते है और वह व्यक्ति अपने जूतों को हाथ में लेकर आता है। इतना ही नहीं यहां रहने वाले बच्चे स्कूल भी नंगे पांव जाते हैं। यहां के सभी लोग जूता चप्पल के नाम से क्रोधित हो जाते हैं। भारत में ऐसी कई अद्भुत परंपरा को लोग आज के दौरे में पालन कर रहे हैं।

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