26 October 2026 Panchang: कल यानी 26 अक्टूबर को आश्विन शुक्ल पक्ष की उदया तिथि पूर्णिमा और सोमवार का दिन है। कल के दिन का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है क्योंकि कल स्नान-दान की आश्विन पूर्णिमा मनाई जाएगी और इसी दिन से कार्तिक महीने की शुरुआत हो रही है।पंचांग के अनुसार पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 25 अक्टूबर की दोपहर 11 बजकर 58 मिनट पर हो जाएगी और यह तिथि 26 अक्टूबर को सुबह 9 बजकर 42 मिनट तक रहेगी। इसके बाद आश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि लग जाएगी। शास्त्रों में कहा गया है कि जब पूर्णिमा तिथि दो दिनों तक रहती है तो पहले दिन पूर्णिमा का व्रत किया जाता है और दूसरे दिन स्नान-दान किया जाता है। इसलिए 25 अक्टूबर को व्रत की पूर्णिमा और 26 अक्टूबर को स्नान-दान की पूर्णिमा मनाई जाएगी।
जानिए शुभ मुहूर्त
कल के पंचांग की बात करें तो दोपहर 2 बजकर 17 मिनट तक वज्र योग रहेगा। वज्र योग में किसी भी तरह के शुभ कार्य करने से बचना चाहिए। इसके अलावा कल शाम 5 बजकर 42 मिनट तक अश्विनी नक्षत्र रहेगा। अश्विनी नक्षत्र को सभी 27 नक्षत्रों में पहला नक्षत्र माना जाता है और इसे बहुत शुभ माना जाता है।कल स्नान-दान की पूर्णिमा का महत्व बहुत अधिक है। मान्यता है कि पूर्णिमा के दिन किसी पवित्र नदी में स्नान करने और दान करने से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है। अगर आप किसी पवित्र नदी पर नहीं जा पा रहे हैं तो आप घर पर ही स्नान के पानी में थोड़ा सा गंगा जल मिलाकर स्नान कर सकते हैं। इससे भी वही पुण्य फल मिलता है।
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कल के सूर्योदय-सूर्यास्त और शुभ मुहूर्त
सूर्योदय का समय - सुबह 06:29 बजे और सूर्यास्त का समय - शाम 05:45 बजे हैं। वहीं राहुकाल - सुबह 07:53 बजे से 09:17 बजे तक। राहुकाल में कोई भी शुभ कार्य, पूजा या नया काम शुरू नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही अभिजीत मुहूर्त - सुबह 11:42 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक। यह दिन का सबसे शुभ मुहूर्त होता है। अमृत काल की बात करें तो, सुबह 10:10 बजे से 11:39 बजे तक है।कल सोमवार होने के कारण भगवान शिव की पूजा का विशेष फल मिलेगा। साथ ही चंद्र देव की पूजा भी करें। दान में चावल, दूध, चीनी और सफेद वस्त्रों का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है।