
नई दिल्ली: इस्राइल के फिल्म मेकर नादव लैपिड द कश्मीर फाइल्स पर बयान देकर विवादों में फंस चुके है। फिल्म निर्माता 53वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया के हेड जूरी है और उन्होंने अपने स्पीच में द कश्मीर फाइल्स को व्लगर बताया था,जिस वजह से सोशल मीडिया पर बवाल खड़ा हो गया था। लेकिन अब नादव लैपिड अपने इस बयान की वजह से कानूनी पचड़े में फंस गए है। उनके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के वकील ने शिकायत दर्ज करवाई है।
बता दें कि इजरायली राजदूत ने पत्र लिखकर कहा है कि “आपको शर्म आनी चाहिए।” उन्होंने फटकार लगते हुए इस बात पर भी जोर दिया कि कैसे भारत पर इजराइल के बीच दोस्ती के संबंध हैं। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि उसके इस बयान से आगे कोई नुकसान नहीं होगा।
कौन है नादव लैंपिड
नादव लैपिड एक इजराइली फिल्म मेकर है। इनका जन्म इजराइल के टेल अवीव में हुआ था। उन्होंने टेल अवीव विश्वद्यालय से दर्शनशास्त्र की पढ़ाई की है। फिल्म मेकिंग में कदम रखने से पहले वे इजराइल की सेना में अपनी सेवा दे चुके है। सैन्य सेवा देने के बाद उन्होंने यरूशलम में सैम स्पीगल फिल्म एंड टेलीविजन स्कूल से डिग्री ली और फिर वह पेरिस चले गए। वैसे तो उन्होंने कई फिल्में बनाई है लेकिन नादव लैपिड को शार्ट फिल्म और डॉक्युमेंट्रीज के लिए जाना गाया है।
दी है कई बेहतरीन फिल्में
लैपिड ने सिनेमा जगत को कई बेहतरीन फिल्में दी हैं। वह सिनोनिम्स (2019), द किंडरगार्टन टीचर (2014) और पुलिसमैन (2011) जैसी कई शानदार फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। नादव लैपिड लोकार्नो फिल्म फेस्टिवल में गोल्डन लेपर्ड जूरी के सदस्य, 71 वें बर्लिन इंटरनेशनल फिल्म में ‘आधिकारिक प्रतियोगिता’ जूरी के सदस्य और 2016 के कान फिल्म फेस्टिवल में इंटरनेशनल क्रिटिक्स वीक जूरी के सदस्य रहें हैं।
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