इस गांव की पहचान है दामादों की बस्ती! जानें इसके पीछे की वजह

इस गांव की पहचान है दामादों की बस्ती! जानें इसके पीछे की वजह

नई दिल्ली:  दुनिया में ऐसी कई जगह हैं जिनका इतिहास हैरान करने वाला है। वहीं अनोखी जगहों के इतिहास में  भारत का नाम भी शामिल है। इन दिनों भारत का एक गांव काफी चर्चा में बना हुआ है। जिसके बारे में कहा जा रहा है कि इस गांव की पहचान दामादों के कारण होती है।

दरअसल कानपुरके दामादनपुरवा गांव में लगभग 500 लोग रहते हैं और यहां पर लगभग 70 घर हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि 70 घरों में से 40 से ज्यादा घर दामादों के हैं। यहां रहने वाले बुजुर्गों के मुताबिक 1970 में इस गांव की राजरानी की शादी  होने के बाद उनके पति सांवरे कठेरिया अपने ससुराल में रहने लगे।

बताया जाता है कि सांवरे कठेरिया के लिए जब जगह कम पड़ी तो उन्हें गांव के पास जमीन  दे दी गई। राजरानी के पति के बाद कई लड़के इस गांव की बेटियों से शादी करके पहले दामाद बने और फिर यहीं जमीन लेकर रहने लगे। यहीं से ये परंपरा बढ़ने लगी और 2005 तक इस गांव में दामादों के 40 घर बन चुके थे। बता दें कि यहां के सबसे उम्रदराज दामाद 78 साल के हैं। वहीं ये परंपरा अभी भी जारी है।

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