
Whatsapp Claims Israeli Spyware Company Target Its Users: आज के समय में इंस्टेंट मैसेजिंग के लिए व्हाट्सऐप का यूज बढ़ता ही जा रहा है। इसलिए व्हाट्सऐप भी अपने यूजर्स के लिए कई नए फीचर्स लेकर आता रहता हैं। लेकिन हाल ही में WhatsApp ने इजरायल की एक स्पाईवेयर कंपनी पैरागॉन सॉल्यूशन पर हैकिंग के आरोप लगाए हैं।
व्हाट्सऐप का कहना है कि इजरायल की ग्रेफाइट (Graphite) नाम के स्पाईवेयर से कई लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। एक मीडिया रिपोर्ट की माने तो इस स्पाईवेयर के निशाने पर कई पत्रकार और सिविल सोसायटी के मेंबर्स भी शामिल है।
कितना खतरनाक है ग्रेफाइट स्पाईवेयर?
मिली जानकारी के अनुसार, ग्रेफाइट स्पाईवेयर बहुत ही खतरनाक बताया जा रहा है। ये स्पाईवेयर बिना आपकी परमिशन के आपके डिवाइस में इंस्टॉल कर दिया जाता है। एक बार स्पाईवेयर डिवाइस में इंस्टॉल होने के बाद यह डिवाइस का पूरा कंट्रोल अपने हाथों में ले लेता है। जिसके बाद हैकर्स आपके फोन से आपका डेटा चोरी कर लेते है। बता दें, इस तरह के अटैक को जीरो-क्लिक अटैक कहा जाता है।
इस अटैक के बारे में WhatsApp की तरफ से टारगेट हुए यूजर्स को नोटिफाई कर दिया है। बताया जा रहा है कि ये अटैक दिसंबर में हुआ था। इसलिए WhatsApp भी टारगेट हुए यूजर्स की मदद करने की कोशिश कर रहा है। इसी के साथ स्पाईवेयर से बचने के लिए अपनी सिक्योरिटी को भी मजबूत कर रहा है।
WhatsApp ने Paragon कंपनी को भेजा नोटिस
इस अटैक के बाद व्हाट्सऐप ने इजरायल की स्पाईवेयर कंपनी पैरागॉन को सीज़ एंड डेसिस्ट नोटिस भेजा है। इसके अलावा व्हाट्सऐप पैरागॉन कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का प्लान बना रही है। फिलहाल व्हाट्सऐप अभी तक इस बात का पता नहीं लगा पाई कि इस अटैक के पीछे कौन था?
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