TCS को 12 हजार कर्मचारी की छंटनी वाला दांव पड़ा उल्टा, इस संगठन ने किया मुकदमा

TCS Layofff Case: भारत की सबसे मशहूर आईटी कंपनी में शुमार टीसीएस ने हाल ही में 12 हजार कर्मचारियों की छंटनी का ऐलान किया है। कंपनी के इस कदम से कर्मचारियों को हैरान कर दिया है। कंपनी का कहना है कि फ्यूचर रेडी होने, नई तरह की डिमांड के लिहाज से खुद को तैयार करने और नई तकनीक से सामंजस्य बिठाने के लिए कंपनी ने ऐसा निर्णल लिया है।
वहीं, टीसीएस के इस फैसले से नाराज कर्नाटक आईटी एंप्लॉयीज यूनियन ने इस मामले में केस दायर कर दिया है। यूनियन ने लेबर कमिश्नर के पास मामला दायर किया है। यूनियन का कहना है कि टीसीएस ने नियमों का उल्लंघन करते हुए छंटनी का फैसला किया है। इंड्स्ट्रियल डिस्प्यूट्स एक्ट 1947 के तहत कंपनी ने नियमों का उल्लंघन किया है।
यूनियन ने दिया नियमों का हवाला
इसका मतलब है कि 12 लोगों की नौकरी चली जाएगी। इस फैसले के खिलाफ कर्नाटक आईटी यूनियन के प्रतिनिधियों ने अडिशनल लेबर कमिश्नर जी मंजूनाथ से मुलाकात की और कर्मचारियों की संस्थाओं से अवगत कराया। इन कर्मचारियों ने डंडस्ट्रियल डिस्प्यूट्स का हवाला देते हुए कहा कि किसी कंपनी में अगर 100 से ज्यादा कर्मचारी होते हैं, तो वहां छंटनी के लिए सरकार का अप्रूवल लेना जरूरी होता है। यूनियन ने कहा कि लेबर डिपार्टमेंट को इस मामले में तत्काल न्याय करना चाहिए।
क्या कहना है श्रम विभाग का
इस बीच श्रम विभाग का कहना है कि जल्दी ही टीसीएस के मैनेजमेंट के साथ मीटिंग की जाएगी। इसमें चर्चा की जाएगी कि आखिर इस तरह लेऑफ का फैसला क्यों लिया गया। अभी तारीख तय नहीं है लेकिन, कर्नाटक के श्रम मंत्री ने साफ है कि जल्दी ही मीटिंग होगी। वहीं, यूनियन ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उल्लंघन करके इस तरह से छंटनी की गी तो फिर भविष्य के लिए यह खतरनाक ट्रेंड स्थापित हो जाएगा।
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