भाषा विवाद पर तमिलनाडु के राज्यपाल की चेतावनी,बदलती जनसांख्यिकी को बताया 'टाइम बम'

भाषा विवाद पर तमिलनाडु के राज्यपाल की चेतावनी,बदलती जनसांख्यिकी को बताया 'टाइम बम'

Tamilnadu Governor RN Ravi: महाराष्ट्र में मराठी, बेंगलुरु में कन्नड़, और तमिलनाडु में तमिल—पूरी दुनिया में भाषा को लेकर एक तरह का विवाद छिड़ा हुआ है। तमिलनाडु में यह मुद्दा हमेशा गरम रहता है, जहां मुख्यमंत्री एमके स्टालिन अक्सर केंद्र सरकार पर हिंदी थोपने का आरोप लगाते हैं। इस बीच, तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि ने भाषा विवाद और बदलती जनसांख्यिकी पर चिंता जताते हुए इसे 'टाइम बम' करार दिया है। उन्होंने कहा कि भाषा के नाम पर कटुता फैलाना भारतीय परंपरा के खिलाफ है। राज्यपाल ने असम और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में तेजी से बदलती जनसांख्यिकी का जिक्र करते हुए इस समस्या का समाधान खोजने की जरूरत पर बल दिया। 

तमिलनाडु राज्यपाल आरएन रवि की चेतावनी

तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि ने देश की आंतरिक चुनौतियों और बदलती जनसांख्यिकी पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा बाहरी आक्रमणों का डटकर मुकाबला किया, लेकिन आंतरिक कलह ने इतिहास में गहरे जख्म दिए हैं। 1947का बंटवारा इसका सबसे बड़ा उदाहरण है, जब आपसी मतभेदों ने देश को विभाजित कर दिया। रवि ने चेतावनी दी कि कुछ विचारधाराएं आज भी देश को तोड़ने की कोशिश कर रही हैं, जो एकता के लिए खतरा हैं। उन्होंने रूस का उदाहरण देते हुए कहा कि 1991में सोवियत संघ का विघटन आंतरिक अशांति का परिणाम था, क्योंकि सेना ऐसी समस्याओं से निपटने में असमर्थ होती है। रवि ने जोर देकर कहा कि हमें इतिहास से सबक लेते हुए इन मुद्दों का समाधान तलाशना होगा। 

भाषा विवाद और टाइम बम जैसी डेमोग्राफी

राज्यपाल रवि ने भाषा विवाद को भी देश के लिए एक गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों में भाषा को लेकर बढ़ते तनाव का जिक्र किया, जहां यह मुद्दा समय-समय पर उभरता रहा है। रवि ने कहा कि भाषा के नाम पर कटुता फैलाना भारतीय संस्कृति के खिलाफ है। उन्होंने डेमोग्राफी को 'टाइम बम' करार देते हुए इस पर तत्काल अध्ययन और समाधान की जरूरत बताई। साथ ही, उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयानों का हवाला दिया, जिन्होंने कहा है कि भारत की सभी भाषाएं राष्ट्रीय भाषा का दर्जा रखती हैं। रवि ने इस बात पर जोर दिया कि हमें एकजुट होकर इन संवेदनशील मुद्दों का हल निकालना होगा, ताकि देश की एकता और अखंडता बनी रहे।

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