
नई दिल्ली:आजके भागा-चौड़ी की जिंदगी में लोगों का खान-पान बिलकुल बदल गया है। लोग बाहर का भोजन करना पसंद करते है। हालांकि बाहर के भोजन से कई बीमारियों का शिकार हो जाते है। वहीं आज के समय में काम का इतना दबाब पड़ता है कि लोग मानसिक बीमारी से ग्रस्त हो जाते है। मानसिक बीमारी में से एक बीमारी है व्यक्ति को ब्रेन फॉग।
क्या ब्रेन फॉग बीमारी
बता दें कि ब्रेन फॉग ज्यादा तनाव से होता है। ब्रेन फॉग बीमारी होने से व्यक्ति की याददाश्त शक्ति कमजोर हो जाती है। उसे सबकुछ धुंधला दिखाई देने लगता है। इसके अलावा, उसे स्थिति को समझने में भी तकलीफ होती है। आसान शब्दों में कहें तो वह कुछ सोच और समझ पाने के काबिल नहीं रहता है।
ब्रेन फॉग के कारण
हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो ब्रेन फॉग का मुख्य तनाव है। तनाव से उच्च रक्तचाप बढ़ता है। उच्च रक्तचाप से स्मरण शक्ति कमजोर होती है। साथ ही थकान महसूस होती है। इस स्थिति में मानसिक संतुलन बिगड़ जाता है। कई मौके पर व्यक्ति की जुबान भी लड़खड़ाने लगती है।
ब्रेन फॉग के लक्ष्ण
ब्रेन फॉग से बचाव
डॉक्टर की मानें तो ब्रेन फॉग के मरीजों को रोजाना कम से कम 8 घंटे की नींद लेनी चाहिए। साथ ही चाय और कॉफी का सेवन सीमित मात्रा में करें। शराब का सेवन कम करें। इसके अलावा, रोजाना संतुलित आहार लें और एक्सरसाइज जरूर करें। सोशल एक्टिविटी करें। इससे आप खुद को अकेलामहसूस नहीं करेंगे।
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