
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को भगोड़े कारोबारी विजय माल्या को चार महीने जेल की सजा सुनाई और उस पर 2000रुपये का जुर्माना भी लगाया। माल्या को 2017में कोर्ट की अवमानना का दोषी पाया गया था, क्योंकि उसने इससे जुड़ी जानकारी छुपाई थी।अदालत ने माल्या को चार सप्ताह के भीतर ब्याज के साथ 4 करोड़ डॉलर लौटाने का भी निर्देश दिया है। ऐसा नहीं करने पर उसकी संपत्तियों को जब्त कर लिया जाएगा।
कोर्ट ने 10 मार्च को माल्या की सजा पर फैसला सुरक्षित रखा था। सुप्रीम कोर्ट ने 5 साल पहले 9 मई 2017 को विजय माल्या को कोर्ट के आदेश की अवमानना का दोषी मानते हुए उसके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू की थी। दरअसल, विजय माल्या ने अपनी संपत्ति का पूरा ब्योरा उन बैंकों और संबंधित प्राधिकरणों को नहीं दिया था, जिनसे उसने करोड़ों अरबों का कर्ज लिया था।इस मामले में बैंकों और प्राधिकरणों का पक्ष सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 10 जुलाई 2017 को आदेश दिया कि विजय माल्या सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रखने के लिए पेश हो। कोर्ट ने कहा था कि माल्या ब्रिटेन में एक आजाद इंसान की तरह रहता है, लेकिन वो वहां क्या कर रहा है, इस बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आ रही है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट की ओर से नियुक्त न्यायमित्र सीनियर एडवोकेट जयदीप गुप्ता ने पीठ को बताया था कि माल्या को दो मामलों में अदालत दोषी ठहरा चुकी है। पहला संपत्ति का खुलासा नहीं करना और दूसरा कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करना। शीर्ष अदालत ने माल्या को अदालती आदेश का उल्लंघन करते हुए अपने बच्चों को अघोषित निजी संपदा में से 4 करोड़ डॉलर की रकम ट्रांसफर करने का दोषी ठहराया था। उस समय सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि माल्या की अनुपस्थिति में ही सजा के मुद्दे को आगे बढ़ाया जाएगा।
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