केवल 3 महीने के लिए यू यू ललित को क्यों चुना गया देश का मुख्य नयायाधीश, जानें इससे जुड़ी अहम बातें

केवल 3 महीने के लिए यू यू ललित को क्यों चुना गया देश का मुख्य नयायाधीश, जानें इससे जुड़ी अहम बातें

नई दिल्ली: केंद्र सरकार के द्वारा शनिवार को जस्टिस उदय उमेश ललित को भारत का 49वां मुख्य न्यायाधीश के रूप में चुना गया है। वहीं यह देश के दूसरे ऐसे चीफ जस्टिस हैं जो सुप्रीम कोर्ट का जज बनने से पहले हाई कोर्ट में जज नहीं थे। इससे पहले 1971 में देश के 13वें मुख्य न्यायाधीश एसएम सीकरी सीधे सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस बने थे। इसके अलावा जस्टिस ललित के बाद अगले वरिष्ठतम जज जस्टिस धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ देश के अगले मुख्य न्यायाधीश होंगे। वह देश के पूर्व मुख्य न्यायाधीश वाईवी चंद्रचूड़ के पुत्र हैं।

3 महीने का कार्यकाल क्यों

बता दें कि, जस्टिस ललित को केवल 3 महीनों के लिए देश का 49वां मुख्य न्यायाधीश बनाया गया है। इस के पीछे कि वजह यह है कि यूयू ललित, एनवी रमणा के बाद दूसरे सबसे सिनियर जज है,जिस वजह से उन्हें यह पद दिया गया है। इसेक अलावा सुप्रीम कोर्ट में जजों की रिटायरमेंट की उम्र 65 साल है। जस्टिस यूयू ललित इस साल 8 नवंबर को रिटायर होंगे, इसलिए वो सिर्फ 74 दिन तक ही चीफ जस्टिस के पद बने रहेंगे। वहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अलावा कई केंद्रीय मंत्री और सुप्रीम कोर्ट के जज मौजूद रहे।

अपने दिए गए भाषण में ये कहा

न्यायमूर्ति ललित ने कहा कि जिन क्षेत्रों में वह काम करना चाहते हैं उनमें से एक संविधान पीठों के समक्ष मामलों को सूचीबद्ध करना और विशेष रूप से तीन-न्यायाधीशों की पीठ को भेजे जाने वाले मामलों से संबंधित विषय हैं। मामलों को सूचीबद्ध करने के मुद्दे पर उन्होंने कहा, ‘ मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि हम मामलों को सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया को यथासंभव सरल, स्पष्ट और पारदर्शी बनाने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे।’ अत्यावश्यक मामलों का उल्लेख करने के संबंध में न्यायमूर्ति ललित ने कहा कि वह निश्चित रूप से इस पर गौर करेंगे।

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