
नई दिल्ली: दुनिया में अगर सबसे ज्यादा किसी चीज से डर लगता हैं तो वो हैं सांप। सांप के नाम से ही कई लोगों के दिलों में खौफ देखने को मिलाता हैं, लेकिन दुनिया में एक ऐसा भी पौधा हैं जिसके फल खाने पर सांप के जहर जितना जहर होता हैं हालांकि इस पौधा का इस्तेमाल लोगों की जान बचाने के लिए भी किया जाता हैं। बता दवा के लिए भी किया जाता हैं।
ऐसा पौधा जो ले सकता हैं आपकी जान
दरअसलये पौधाभारत में पाया जाता हैं। हम इस पौधे को रत्ती या गुंजा का पौधा कहते है। इस पौधे के बीज से सांप के जहर जैसा ही खतरनाक और जहरीला पदार्थ निकलता है। इस पौधे को विज्ञान की भाषा में एब्रस Precatorius कहा जाता है और इससे निकलने वाले जहर का नाम एब्रसहै। ये जहर उतना ही घातक और जानलेवा हो सकता है जितना सांप का जहर।
पुराने समय में सुनार कीमती रत्नों और सोने को तौलने के लिए गुंजा के पौधे के बीज यानी रत्ती का इस्तेमाल करते थे। एक रत्ती के बीज का वजन 125 मिलीग्राम माना जाता था। अब इसे 105 मिलीग्राम माना जाता है। अब अगर कोई आपसे कहे कि उसे “रत्ती” भर भी यकीन नहीं है, तो अब आप इस मुहावरे का मतलब आसानी से समझ सकते हैं. वैसे रत्ती में कुछ जादुई गुण भी पाए जाते हैं।
कहा यह भी जाता है कि रत्ती के पत्ते चबाने से मुंह के बुरे से बुरे छाले भी ठीक हो जाते हैं। इसकी जड़ भी सेहत के लिए अच्छी होती है। कई लोग रत्ती/ गुंजा की माला भी पहनते हैं। कहा जाता है कि यह सकारात्मकताके लिए अच्छी होती है।
रत्ती पौधा के फायदे
रत्ती के पौधे से बहुत सी दवाईयां बनाई जाती हैं।
आयुर्वेद में इस पौधे का बहुत महत्व है।
गुंजा के पौधे से बनी दवाओं से टिटनेस, ल्यूकोडर्मा(स्किन इंफेक्शन) का इलाज होता हैं।
इस पौधे से सांप के काटने का इलाज भी होता है।
इसे पौधे से वात और पित्त की बीमारियों के इलाज में कारगर माना जाता है।
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