Haryana News: इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय चौटाला ने सम्मान दिवस आयोजन, धान खरीद, कांग्रेस, चुनाव आयोग और हरियाणा के पानी से जुड़े मुद्दों को लेकर कई बयान दिए। उन्होंने कहा कि हरियाणा के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा सम्मान दिवस आयोजन होगा। इसके लिए करीब 2 लाख लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है।
चुनाव आयोग को लेकर अभय चौटाला ने कहा कि आयोग में तीन सदस्य इसलिए रखे जाते हैं ताकि कोई एक व्यक्ति अकेले फैसला न कर सके। उन्होंने दावा किया कि जब दो सदस्य विरोध कर रहे थे तो चेयरमैन का फैसला थोपना नहीं चाहिए था। उन्होंने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे बीजेपी का ‘इलेक्शन कमीशन’ बताया। चौटाला ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों को लेकर भी गड़बड़ी का आरोप लगाया और कहा कि मशीनों से अपनी पसंद का परिणाम निकाला जा सकता है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग भी की।
धान खरीद को लेकर सरकार पर निशाना
अभय चौटाला ने धान खरीद को लेकर किसानों की परेशानी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि धान की खरीद 15 सितंबर से शुरू होनी चाहिए थी, लेकिन पहले ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ नहीं खोला गया और अब फसल चढ़ाने के बाद भी किसानों को अधिकारियों से पर्ची कटवाने के लिए परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि किसान लाइनों में खड़ा है और परेशानी झेल रहा है।
कांग्रेस पर लगाए आरोप
कांग्रेस को लेकर अभय चौटाला ने कहा कि राज्यसभा चुनाव के दौरान कथित तौर पर कांग्रेस के 9 विधायकों ने अपने वोट बेचे, जिसके कारण लोगों का कांग्रेस से विश्वास उठा। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी के नेताओं ने सभी वोट देखे थे तो उसी समय प्रेस के सामने पूरी बात क्यों नहीं रखी गई। चौटाला ने सवाल उठाया कि बाकी चार लोगों के नाम सार्वजनिक क्यों नहीं किए जा रहे हैं। उनके मुताबिक, इसी वजह से लोग कांग्रेस से नाराज हैं।
हुड्डा के बयान पर भी साधा निशाना
भूपेंद्र सिंह हुड्डा के अपने हलके में दिए बयान पर अभय चौटाला ने कहा कि हुड्डा पहले कई बार कहते रहे हैं कि वह लोगों से पूछकर आगे बढ़ेंगे। चौटाला ने तंज कसते हुए कहा कि अब जब लोगों ने दरवाजे बंद कर दिए हैं तो उनसे सलाह लेने की बात की जा रही है। उन्होंने हुड्डा से कहा कि जो नोटिस भेजा गया है, उसे सार्वजनिक किया जाए।
किशाऊ डैम और SYL का मुद्दा
किशाऊ परियोजना को लेकर अभय चौटाला ने कहा कि सरकार किशाऊ डैम का समझौता कर रही है, लेकिन SYL को लेकर कोई फाइल आगे नहीं बढ़ पा रही है। गौरतलब है कि 15 सितंबर 2026 को हरियाणा समेत छह राज्यों ने किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए समझौता किया था। परियोजना का संबंध टौंस नदी और ऊपरी यमुना बेसिन से है, जबकि SYL हरियाणा-पंजाब के बीच लंबे समय से चला आ रहा अलग जल-विवाद है।