Search KhabarFast

Press ESC to close

ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए नए नियम, छूट और सर्च रिजल्ट पर होगी सख्ती; केंद्र सरकार ला रही नए नियम

ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए नए नियम,  छूट और सर्च रिजल्ट पर होगी सख्ती; केंद्र सरकार ला रही नए नियम

Ecommerce Rules 2026: केंद्र सरकार ने ऑनलाइन शॉपिंग और ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए नियमों में बदलाव किया है। नए नियमों में सामान की कीमत, डिस्काउंट, सर्च रिजल्ट, विज्ञापन, ग्राहक की जानकारी और शिकायतों के निपटारे को लेकर कई नए प्रावधान किए गए हैं। उपभोक्ता मामलों के विभाग की ओर से जारी Consumer Protection (E-Commerce) (Amendment) Rules, 2026 के नियम 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे।

क्या है नए नियम?

नए नियमों के तहत अगर कोई ई-कॉमर्स कंपनी किसी सामान पर डिस्काउंट दिखाती है तो उसे कम कीमत के साथ उस सामान की पुरानी कीमत भी बतानी होगी। पुरानी कीमत वह सबसे कम कीमत होगी, जिस पर वह सामान या सेवा डिस्काउंट से पहले के 30 दिनों में बेची गई थी। इसका मकसद ऐसी स्थिति को रोकना है, जिसमें पहले सामान की कीमत बढ़ाकर दिखाई जाती है और फिर बड़ी छूट का दावा किया जाता है। 

सर्च रिजल्ट को लेकर सख्ती

नए नियमों में सर्च रिजल्ट को लेकर भी सख्ती की गई है। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ऐसे तरीके से सर्च रिजल्ट नहीं बदल सकेंगे, जिससे ग्राहक भ्रमित हो या उसे उसकी जरूरत से कम संबंधित सामान दिखाया जाए। पैसे लेकर किसी प्रोडक्ट को सर्च रिजल्ट में ऊपर दिखाने पर भी साफ और प्रमुख तरीके से इसकी जानकारी देनी होगी। सरकार ने डार्क पैटर्न को लेकर भी नियम सख्त किए हैं। डार्क पैटर्न ऐसी ऑनलाइन तकनीक होती है, जिससे ग्राहक को किसी खास विकल्प को चुनने के लिए प्रभावित किया जा सकता है। ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए 2023 में जारी डार्क पैटर्न से जुड़े दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य होगा। कंपनियों को साल में एक बार अपनी व्यवस्था का ऑडिट करना होगा और नियमों के पालन का प्रमाण पत्र भी दिखाना होगा।

देनी होगी स्पष्ट जानकारी

मार्केटप्लेस प्लेटफॉर्म को सामान की एक्सपायरी या बेस्ट-बिफोर तारीख, रिटर्न और रिफंड की शर्तें, वारंटी, डिलीवरी और भुगतान से जुड़ी जानकारी स्पष्ट रूप से देनी होगी। विदेश से आने वाले उत्पादों के मामले में इंपोर्टर की जानकारी और उत्पाद किस देश में बना है, यह भी बताना होगा। ग्राहकों की निजी जानकारी के इस्तेमाल पर भी नए नियम लागू होंगे। कंपनियां तय उद्देश्यों के लिए ग्राहक की जानकारी का इस्तेमाल उसकी स्पष्ट और सहमति के बिना नहीं कर सकेंगी। इसके अलावा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से असंबंधित सेवाओं के लिए ग्राहकों से एक साथ अलग-अलग शुल्क लेने पर भी रोक होगी। हालांकि, लॉयल्टी और मेंबरशिप प्रोग्राम इस नियम से बाहर रहेंगे।

कैसे कर सकेंगे शिकायत?

शिकायतों के निपटारे को लेकर भी कंपनियों को राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन की प्रक्रिया से जुड़ना होगा। प्लेटफॉर्म के शिकायत अधिकारी के पास दर्ज शिकायत की एक कॉपी ग्राहक को भी देनी होगी। 2025 में राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन को 17,71,622 शिकायतें मिली थीं, जिनमें करीब 29 फीसदी यानी 5,11,196 शिकायतें ई-कॉमर्स से जुड़ी थीं। नए नियमों का उद्देश्य ऑनलाइन खरीदारी में पारदर्शिता बढ़ाना और ग्राहकों के अधिकारों को मजबूत करना है।

Also read: Stock Market Crash: शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 740 अंक टूटा; निवेशकों के डूबे करोड़ो रुपये

Leave Your Comments



संबंधित समाचार

सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए भारत सरकार की बड़ी पहल, 80 लाख बेटियों को दी गई HPV वैक्सीन

HPV Vaccination Campaign: भारत ने सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के प्रयासों में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। फरवरी 2026 में शुरू हुए राष्ट्रीय HPV टीकाकरण अभियान के तहत अब तक ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) वैक्सीन की 80 लाख से ज्यादा खुराकें दी जा चुकी हैं।

5 दिन काम की डिमांड पर बैंक कर्मचारियों का राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान, इस दिन से शुरु होगी अनिश्चितकालीन स्ट्राइक

UFBU Bank Strike: बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने शुक्रवार को यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) द्वारा बुलाई गई राष्ट्रव्यापी एक दिवसीय हड़ताल का पालन किया। यह हड़ताल पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने की मांग और प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना और पेंशन संबंधी मांगों सहित कई अन्य लंबित मुद्दों को लेकर थी।

लाइव अपडेट

बड़ी खबरें

Khabar Fast