Share Market:भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स और निफ्टी ने मजबूती दिखाई, लेकिन दोपहर तक बाजार की दिशा पूरी तरह बदल गई। सुबह की तेजी के बाद भारी बिकवाली से सेंसेक्स दिन के उच्चतम स्तर से करीब 1,400 अंक नीचे आ गया, जबकि निफ्टी भी 22,700 के स्तर के नीचे फिसल गया। बाजार में इस अचानक आई गिरावट से निवेशकों की चिंता बढ़ गई।
कारोबार के शुरुआती घंटों में सेंसेक्स करीब 74,682 के स्तर तक पहुंच गया था, जबकि निफ्टी ने 23,120 का इंट्राडे हाई छुआ। लेकिन ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली शुरू होने के बाद बाजार में बिकवाली तेज हो गई। सेंसेक्स अपने दिन के उच्चतम स्तर से करीब 1,400 अंक तक टूट गया और निफ्टी भी करीब 22,700 के स्तर तक फिसल गया। इस तेज उलटफेर ने सुबह तेजी की उम्मीद लगाए बैठे निवेशकों को चौंका दिया।
निवेशकों के 8 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा स्वाहा
बाजार में आई गिरावट का असर बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के कुल मार्केट कैप पर भी पड़ा। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, बिकवाली के दौरान निवेशकों की संपत्ति में करीब 8 लाख करोड़ रुपये की कमी आई। इस गिरावट के पीछे कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी और विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली जैसे कारण बताए गए। इन कारकों ने बाजार की धारणा पर दबाव बनाया। हालांकि, मार्केट कैप में गिरावट का आंकड़ा कारोबार के समय के अनुसार बदल सकता है।
बाजार में गिरावट के पीछे क्या हैं प्रमुख वजहें?
विशेषज्ञों के मुताबिक, महंगे कच्चे तेल से भारत की महंगाई और आयात बिल को लेकर चिंताएं बढ़ सकती हैं। वहीं, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी से विदेशी निवेशकों के लिए अमेरिकी बाजार अधिक आकर्षक हो सकते हैं, जिससे भारतीय शेयरों में निवेश पर दबाव पड़ता है। इसके अलावा, लगातार तेजी के बाद निवेशकों की मुनाफावसूली ने भी गिरावट को बढ़ाया। ऐसे माहौल में निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे बाजार की चाल पर नजर रखें और बिना जोखिम समझे जल्दबाजी में निवेश संबंधी फैसला न लें।
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