Stock Market Crash: शेयर बाजार में गुरुवार को भारी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 525 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी 50 गिरकर 22,600 के स्तर से नीचे पहुंच गया। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल और लगातार प्रॉफिट बुकिंग के कारण निवेशकों का सेंटिमेंट प्रभावित हुआ। बाजार में इस गिरावट के बीच ज्यादातर सेक्टोरल इंडेक्स भी लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।
कारोबार के दौरान BSE सेंसेक्स 525.50 अंक यानी 0.71 प्रतिशत गिरकर 73,184.19 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इससे पहले सेंसेक्स 73,709.69 के पिछले बंद स्तर के मुकाबले 73,343.33 पर खुला था। वहीं, NSE निफ्टी 50 ने 22,687.75 के स्तर पर कारोबार की शुरुआत की। रिपोर्ट लिखे जाने के समय यह 216.85 अंक यानी 0.95 प्रतिशत गिरकर 22,594.50 पर कारोबार कर रहा था।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से बढ़ी चिंता
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। ब्रेंट क्रूड 1.55 प्रतिशत चढ़कर 110.51 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी क्रूड ऑयल की कीमत 1.23 प्रतिशत बढ़कर 98.34 डॉलर प्रति बैरल हो गई।
इसके अलावा अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और ऊंचे स्तरों पर लगातार मुनाफावसूली ने भी बाजार पर दबाव बनाया। अमेरिकी बाजार के वायदा कारोबार में S&P 500 फ्यूचर्स 0.58 प्रतिशत और नैस्डैक फ्यूचर्स 1.05 प्रतिशत ऊपर थे, जबकि डॉव जोन्स फ्यूचर्स में 0.29 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
मिड और स्मॉल-कैप शेयरों पर क्या बोले एक्सपर्ट?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. वीके विजयकुमार के मुताबिक, मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों के बेहतर प्रदर्शन के बाद बाजार में अब लार्ज-कैप शेयरों की ओर निवेशकों का रुझान बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि हाल के महीनों में बाजार की मजबूती में कमाई के मुकाबले लिक्विडिटी की बड़ी भूमिका रही है। उनके अनुसार, ज्यादा वैल्यूएशन वाले मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों तथा बेहतर वैल्यूएशन वाले लार्ज-कैप शेयरों की मौजूदा स्थिति लंबे समय तक बने रहने की उम्मीद नहीं है। विजयकुमार ने ऊंची क्रूड ऑयल कीमतों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी को बाजार के लिए बाहरी जोखिम बताया। उनके मुताबिक, निवेशकों का उचित वैल्यूएशन वाले लार्ज-कैप शेयरों की तरफ रुख करने का ट्रेंड आगे भी जारी रह सकता है।
किन शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव?
सेंसेक्स के ज्यादातर शेयर गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। पावर ग्रिड, मारुति सुजुकी, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा स्टील और बजाज फाइनेंस प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे। हालांकि, टेक्नोलॉजी शेयरों में कुछ मजबूती दिखाई दी। टेक महिंद्रा, इटरनल और इंफोसिस सकारात्मक दायरे में कारोबार कर रहे थे।