
Stock Market: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 19 मार्च को बड़ी गिरावट देखने को मिली। BSE Sensex और NSE Nifty ने पिछले तीन दिनों की तेजी को तोड़ते हुए गिरावट दर्ज की। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के कारण बाजार पर दबाव बना। सुबह 9:16 बजे सेंसेक्स 1636 अंकों की गिरावट के साथ 75,068 पर आ गया, जबकि निफ्टी 505 अंक गिरकर 23,272 के स्तर पर पहुंच गया। इस गिरावट से निवेशकों को भारी नुकसान हुआ और बाजार खुलते ही करीब 6.53 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति घट गई।
बाजार में गिरावट का असर बड़े शेयरों पर भी दिखा। HDFC Bank के शेयर करीब 3.8% टूटे, वहीं Larsen & Toubro, Axis Bank, Adani Ports और Mahindra & Mahindra के शेयरों में भी 2 से 3% तक की गिरावट आई।
क्या कहते हैं विशेषज्ञों?
विशेषज्ञों के अनुसार, इजरायल द्वारा ईरान की गैस संरचना पर हमले के बाद बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है। इससे कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। ब्रेंट क्रूड 111 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है, जो भारत जैसे तेल आयात करने वाले देश के लिए चिंता की बात है। एशियाई बाजारों में भी गिरावट देखी गई। जापान का निक्केई, दक्षिण कोरिया का कोस्पी और हांगकांग का हैंग सेंग सभी नुकसान में रहे। वहीं अमेरिकी बाजार भी कमजोर बंद हुए, जिससे वैश्विक संकेत नकारात्मक रहे।
मिडिल ईस्ट में तनाव का असर
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ता है और कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो भारतीय बाजार में और गिरावट आ सकती है। तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, निफ्टी के लिए 23,300–23,350 का स्तर अहम सपोर्ट है, जबकि 23,000 को मजबूत आधार माना जा रहा है। वहीं सेंसेक्स के लिए 76,000 के आसपास मजबूत सपोर्ट देखा जा रहा है। कुल मिलाकर, वैश्विक तनाव और तेल की बढ़ती कीमतों के कारण शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
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