
Manipur Kangpokpi Violence: इस समय मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू हो रखा है। लेकिन बावजूद इसके राज्य से हिंसा की खबरें सामने आ रही हैं। कल शनिवार को कांगपोकपी जिले में तनाव की स्थिति पैदा हो गई। दरअसल, जिले के विभिन्न हिस्सों में कुकी प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हो गई थी। इस झड़प में एक की मौत भी हुई। जबकि 40 से ज्यादा लोग घायल हो गए। जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने बंद का ऐलान कर दिया।
बता दें, बीते दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 08 मार्च से राज्य भर में मुक्त आवाजाही का निर्देश जारी किया है। जिसके विरोध में राज्य में एक बार फिर हिंसा भड़क गई। भीड़ को शांत करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े। लेकिन इसके बाद भी भीड़ शांत नहीं हुई और झड़पें शुरू हो गईं।
क्यों और कैसे भड़की हिंसा?
दरअसल, मणिपुर के कुकी जिले में तब झड़पें शुरू हुईं, जब पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। बता दें, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 08 मार्च से राज्य भर में मुक्त आवाजाही का निर्देश जारी किया है। जिसके बाद से प्रदर्शकारियों ने विरोध करना शुरु कर दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने निजी वाहनों में आग लगा दी। इतना ही नहीं, उन्होंने इंफाल से सेनापति जिले जा रही राज्य परिवहन बस को भी रोकने की कोशिश की।
पुलिस ने बताया कि इस झड़प में करीब 16 से ज्यादा प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने आगे बताया कि प्रदर्शनकारियों की ओर से गोलियां भी चलाई गई। जिसके जवाब में हमें भी गोलियां चलानी पड़ी। जिसमें एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई।
आधी रात को बंद का ऐलान
प्रदर्शनकारियों ने अपना विरोध जताते हुए एनएच-2 (इंफाल-दीमापुर राजमार्ग) को भी बंद कर दिया था। इसके बाद आधी रात को अचानक समूह ने अनिश्चितकालीन बंद का ऐलान कर दिया। बता दें, झड़प में मरने वाले की पहचान लालगौथांग सिंगसिट के रूप में हुई है। उसे गोली मारी गई थी। जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। लेकिन उसी समय उसकी मौत हो गई।
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