
Match Fixing: IPL के बीच क्रिकेट जगत से बड़ी खबर सामने आ रही है। जिसमें मैच फिक्सिंग के आरोप में श्रीलंका के एक कोर्ट ने भारतीयों पर कड़ा एक्शन लेते हुए उनके पासपोर्ट जब्त करने के आदेश दे दिए हैं। दरअसल, श्रीलंका की एक अदालत ने अमान्य लीजैंड्स क्रिकेट लीग के दौरान मैच फिक्सिंग को लेकर भारतीय नागरिकों योनी पटेल और पी आकाश के पासपोर्ट जब्त करने के आदेश दे दिए है।
बता दें कि इन पर आठ से 19 मार्च तक कैंडी के पल्लेकेले स्टेडियम पर खेली गई लीग में मैच फिक्स करने की कोशिश का आरोप है। राजस्थान किंग्स ने फाइनल में न्यूयॉर्क सुपर स्ट्राइकर्स को हराया था। पटेल कैंडी स्वैंप आर्मी टीम के मालिक हैं। श्रीलंका के पूर्व वनडे कप्तान और राष्ट्रीय चयन समिति के मौजूदा अध्यक्ष उपुल थरंगा और न्यूजीलैंड के पूर्व क्रिकेटर नील ब्रूम ने श्रीलंका के खेल मंत्रालय की विशेष जांच ईकाई से कहा कि इन दोनों ने लीग में खराब प्रदर्शन के जरिये मैच फिक्स करने के लिए उनसे संपर्क किया था। साथ ही पटेल और आकाश जांच पूरी होने तक श्रीलंका छोड़कर नहीं जा सकते। इस लीग को आईसीसी का श्रीलंका क्रिकेट से मान्यता नहीं मिली है।
उपुल थरंगा और नील ब्रूम ने की शिकायत
श्रीलंका की वनडे टीम के पूर्व कप्तान और मौजूदा मुख्य चयनकर्ता उपुल थरंगा और न्यूजीलैंड के पूर्व खिलाड़ी नील ब्रूम ने खेल मंत्रालय की विशेष जांच इकाई से शिकायत की थी कि लीग में खराब प्रदर्शन कर मैच फिक्सिंग करने के लिए पटेल और आकाश द्वारा उनसे संपर्क किया गया था। वहीं मामले की जांच पूरी हो जाने तक मजिस्ट्रेट अदालत के द्वारा दिए गए आदेश पर देश छोड़ने से रोक दिया गया था।
वहीं श्रीलंका दक्षिण एशिया का पहला देश था जिसने 2019 में भ्रष्टाचार और मैच फिक्सिंग के खिलाफ कानून बनाकर इसे जुर्म घोषित कर दिया था। इस कानून के तहत जो भी खिलाड़ी या व्यक्ति दोषी पाया जाता है, उसे 10 साल तक की जेल हो सकती है। इसके अलावा उस इंसान पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है। यह कानून भ्रष्ट गतिविधियों की जानकारी ना देने वाले खिलाड़ियों को भी सजा देने का प्रावधान रखता है।
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