
नई दिल्ली: श्रद्धा हत्याकांड ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। जिस तरह हत्या की गई और उसके बाद शव के टुकड़े किए गए। ये बेहद ही हैरान कर देना वाला मामला है। आरोपी ने जिस तरह पूरी प्लानिंग के साथ हत्या के बाद शव के टुकड़ों को ठिकाने लगाए है, उससे ढुढने के लिए काफी समय लगने वाला है हालांकि पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और जहां-जहां शव के टुकड़े ठिकाने लगाएंगे है उस जगह पर जाकर टुकड़ों को ढुढा जा रही है। कल (15 नवंबर) पुलिस आरोपी को लेकर छतरपुर के जंगलों में लेकर गई। अब तक पुलिस को श्रद्धा के 13 शव के टुकड़े मिल गए है। वहीं आरोपी ने श्रद्धा की हत्या को भी कबूला है लेकिन आरोपी पुलिस को कई बातो को बताने में घुमा चुका है हालांकि पुलिस को घुमाना इतना आसान नहीं होता है क्योंकि उनको पता होता है कि आरोपी आसानी से अपनी जुर्म नहीं कबुलेगा। ऐसा ही इस मामले में हुआ आरोपी ने पुलिस को जो बताया पुलिस ने उस पर जांच पड़ताल की और वो झूठ निकला।
आरोपी ने पुलिस को घुमाया
दरअसल आरोपी ने बताया था कि श्रद्धा 22 मई को ही झगड़ा करके घर से चली गई थी लेकिन जब पुलिस ने श्रद्धा के बैंक को खंगाले तो पता चला कि 26 को बैंक से पैसों की ट्रांजेकशन हुई जिससे पता चला कि आरोपी झूठ बोल रहा है। वहीं रोजाना नए-नए खुलासे हो रहे है इस दौरान एक नया खुलासा हुआ है जिसमें कहा जा रहा है कि आरोपी श्रद्धा के शव को लक्ष्मण झूला, उतराखंड में फेंकना चहाता था। इसके लिए वह महरौली मार्केट से ब्रीफकेस खरीदकर लाया था। ये श्रृद्धा के साथ लक्ष्मण झूला घूमकर आया था। इसलिए ये जगह उसकी देखी हुई थी। मगर बाद में इसने प्लान बदल दिया था। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वे अक्सर लड़ते थे क्योंकि श्रद्धा उस पर शादी का दबाव बना रही थी।
क्या है पूरा मामला
दरअसल 18 मई बुधवार की रात आरोपी आफताब और श्रद्धा से झगड़ा हुआ। झगड़ा इससे पहले भी होता था। मगर उस रोज बात बढ़ गई और दोनों में हाथापाई हुई हाथापाई में आरोपी ने श्रद्धा को पटक दिया। इसके बाद उसके सीने पर बैठ कर दोनों हाथों से उसका गला दबाने लगा। थोड़ी देर बाद ही श्रद्धा ने दम तोड़ दिया। उसके बाद उसी रात श्रद्धा की लाश घसीट कर बाथरूम ले गया और पूरी रात लाश बाथरूम में पड़ी रही।
अगला दिन निकलाता यानी 19 मई को आरोपी बाजार जाता है और लोकल मार्केट से तीन सौ लीटर का एक फ्रिज खरीदकर घर लेकर आता है। साथ ही एक आरी। रात को उसी बाथरूम में आरी से लाश के 35 टुकड़े करता है। आरोपी ने बताया कि मैंने कुछ दिनों के लिए शेफ की नौकरी भी की थी। उससे पहले करीब दो हफ्ते की ट्रेनिंग भी ली थी। इस दौरान चिकन और मटन के पीस करने की भी ट्रेनिंग मिली थी। 19 मई को लाश के कुछ टुकड़े किए और उन्हें पॉलीथिन में डालकर फ्रिज के फ्रीजर में रख दिए। बाकी लाश फ्रिज के निचले हिस्से में रखी।
वहीं दो दिनों तक श्रद्धा का शव फ्रिज में ही रखा रहा। 20 मई की रात लाश के कुछ टुकड़े फ्रीजर से निकाल कर बैग में रखे और महरौली के जंगल में फेंक दिए। आरोपी ने बताया कि श्रद्धा के टुकड़े कम से कम बीस दिन तक फेंकता रहा। वहीं पूछताछ में आरोपी ने बताया कि घर में लाश होने की वजह से मैं घर से बाहर नहीं निकलता था। ना ही किसी पड़ोसी से मिलता या बात करता था और बार-बार टुकड़ों को फ्रिज के निचले हिस्से से फ्रीजर में और फ्रीजर में रखे टुकड़ों को नीचे रख कर उनकी अदला-बदली किया करता रहता था ताकि लाश की बू बाहर ना आ सके।
वहीं लाश के टुकड़ों को ठिकाने लगाने के बाद पूरे घर की केमिकल से सफाई की। साथ ही फ्रिज को भी केमिकल से अच्छे से साफ किया। आरोपी ने बताया कि मुझे गुस्सा आया गया था इसलिए मैंने श्रद्धा को मार डाला लेकिन मैं नहीं चाहता था कि उसकी मौत का सच घर से बाहर जाए। श्रद्धा के घरवाले भी उससे दूर ही रहते थे। उसकी अपने घरवालों से ही बात नहीं होती थी। मुझे पता था कि उसे कोई ढूंढने नहीं आएगा। इसीलिए लाश को इस तरह ठिकाने लगाना जरूरी था और मैंने वही किया।
मृतक मुंबई में एक कॉल सेंटर में काम करती थी और वहीं उसकी मुलाकात आफताब से हुई थी। फिर उन्होंने डेटिंग शुरू की और साथ रहने लगे। हालाँकि, उसके परिवार ने उनके रिश्ते को मंजूरी नहीं दी, जिसके बाद यह जोड़ा दिल्ली चली गई और महरौली इलाके में रहने लगे। आरोपी के खिलाफ हत्या सहित आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, और पुलिस आगे की तलाश कर रही है। बता दें कि श्रद्धा हत्याकांड में पीड़िता के परिजनों ने थाना मानिकपुर में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में आफताब को 3 नवंबर सहित दो बार पूछताछ के लिए बुलाया गया, उसने कहा कि वह और श्रद्धा अब साथ नहीं रहते हैं। आफताब का परिवार अब लापता है।
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