Shimla Earthquake News: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में शनिवार तड़के भूकंप के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र 31.298 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 77.529 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था। भूकंप की गहराई जमीन से 10 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भूकंप से संबंधित जानकारी साझा की है। फिलहाल भूकंप के कारण किसी तरह के जान-माल के नुकसान या अन्य प्रभावों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आने का इंतजार है।
दिल्ली-NCR में भी महसूस हुए थे भूकंप के झटके
इससे पहले 6 अक्टूबर को दिल्ली-NCR क्षेत्र में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक, उस भूकंप का केंद्र उत्तराखंड में था। वहीं, इससे पहले उत्तराखंड के चमोली में भारतीय समयानुसार रात 10:22 बजे 4.9 तीव्रता का भूकंप दर्ज किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी।
क्यों आते हैं भूकंप?
दरअसल, धरती की मोटी परत जिसे क्टोसनिक प्लेट्स कहा जाता है, वह अपनी जगह से खिसकती रहती है। ये प्लेधट्स अमूमन हर साल करीब 4-5मिमी तक अपने स्थान से खिसक जाती हैं। ये क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर , दोनों ही तरह से अपनी जगह से हिल सकती हैं। इस क्रम में कभी कोई प्लेट दूसरी प्लेट के निकट जाती है तो कोई दूर हो जाती है। इस दौरान कभी-कभी ये प्लेट्स एक-दूसरे से टकरा जाती हैं। ऐसे में ही भूकंप आता है और धरती हिल जाती है। ये प्लेटें सतह से करीब 30-50किमी तक नीचे हैं।
कैसे करें बचाव?
अगर अचानक भूकंप आ जाए तो घर से बाहर खुले में निकल जाएं। यदि आप घर में फंस गए हों तो बेड या मजबूत टेबल के नीचे छिप जाएं। घर के कोनों में खड़े होकर भी खुद को बचा सकते हैं। भूकंप आने पर लिफ्ट का प्रयोग बिल्कुल न करें। खुले स्थान में जाएं, पेड़ व बिजली की लाइनों से दूर रहें। इसके अलावे भूकंप रोधी मकान भी उतने ही जरूरी होते हैं। यह हालांकि बहुत महंगा नहीं होता, पर इसे लेकर लोगों में जागरूकता की कमी के कारण अकसर लोग इसकी अनदेखी कर बैठते हैं।