भारत के इस गांव में प्याज और लहसुन के नाम लेने पर मिलती है खौफनाक सजा?

भारत के इस गांव में प्याज और लहसुन के नाम लेने पर मिलती है खौफनाक सजा?

पटना: आज शारदीय नवरात्रि का आखिरी दिन है। वहीं ये तो सभी को पता है कि नवरात्रि में घर में प्याज-लहसुन का सेवन नहीं किया जाता है। मां के नौ दिनों तक घर में सात्विक भोजन बनाया जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि कहा जाता है कि प्याज और लहसुन शैतानों का भोजन होता है। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे गांव के बारे में बताएंगे जहां नवरात्रि में ही नहीं बल्कि वहां कभी भी प्याज और लहसुन का सेवन नहीं किया जाता है इतना ही नहीं गांव में प्याज और लहसुन लाना भी बंद है। ये जानकार हैरानी तो हुई होगी लेकिन ये बिलकुल सच है।  

प्यजा और लहसुन का नाम लेना पाप!

दरअसल भारत में एक ऐसा गांव है, जहां प्याज और लहसुन पर बैन लगा हुआ है। यह गांव बिहार के जहानाबाद में जिले से करीब 30 किलोमीटर दूर है। अगर गांव के नाम की बात करें तो इसे त्रिलोकी बीघा  के नाम से जाना जाता है। कहा जाता है कि इस गांव में बीते कई दशकों से गांव के किसी भी व्यक्ति ने लहसुन-प्याज को हाथ नहीं लगाया है। क्योंकि इन दो चीजों पर गांव में लाना बैन है इतना ही नहीं इनका नाम भी गांव वाले अपनी जुबान पर नहीं लेकर आते है।

ऐसा कहा जाता है कि इस गांव में एक मंदिर है, जिसे ठाकुरबाड़ी कहते हैं। इसी मंदिर के देवताओं के श्राप की वजह से उन्हें प्याज-लहसुन नहीं खाना है। गांव में रहने वाली एक महिला के अनुसार कई सालों पहले एक परिवार ने इस परंपरा को तोड़ने की कोशिश की थी, इसके परिणाम स्वरूप उसके घर में कई अनहोनियां हो गई थीं। तबसे यहां ऐसी गलती कोई नहीं करता। कहा जाता है कि इसके सेवन से ठाकुरबाड़ी नाराज हो जाते है और उस परिवार को कष्ट देना शुरू कर देते है।

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