देश में वापस लौटकर आ रही है भारत की 7 अज़ीज अमानते, जानें उन 7 वस्तुओं का इतिहास

देश में वापस लौटकर आ रही है भारत की 7 अज़ीज अमानते, जानें उन 7 वस्तुओं का इतिहास

नई दिल्ली: स्कॉटलैंड से भारत के लिए एक अच्छी खबर सामने आ रही है। यहां के ग्लासगो शहर स्थित म्यूजियम ने शुक्रवार के दिन भारत के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किया है,जिसके तहत चोरी की 7 कलाकृतियों को भारत वापस भेजा जाएगा। जिसके बाद भारत और स्कॉटलैंड के बीच एक मजबूत रिश्ते का आगमन होने जा रहा है।

बता दें कि,म्यूजियम चलान वाले परमार्थ संगठन ग्लासगो लाइफ ने इस साल की शुरूआत मे कलाकृतियों को सौंपे जाने की पुष्टि की थी और कार्यवाहक भारतीय उच्चायुक्त सुजीत घोष की उपस्थिति में केल्विंग्रोव आर्ट गैलरी और म्यूजियम में इसे औपचारिक रूप दिया गया। वहीं अब प्राचीन कलाकृतियों के भारत वापस जाने का रास्ता साफ हो गया है। इनमें एक पारंपरिक तलवार भी शामिल है, जिसे 14वीं शताब्दी का माना जाता है। इसके अलावा, कानपुर के एक मंदिर से ले जाया गया 11 वीं शताब्दी का पत्थर का नक्काशीदार दरवाजा भी है। घोष के द्वारा यह कहा गया है कि 'हमें खुशी है कि ग्लासगो लाइफ के साथ हमारी साझेदारी की वजह से ग्लासगो के म्यूजियम से भारतीय कलाकृतियों को भारत लाने का फैसला लिया गया है।'

दरअसल, 14वीं शताब्दी की नक्काशी और 11वीं सदी के पत्थर के दरवाजे के जाम सहित 6 वस्तुओं को 19वीं शताब्दी में मंदिरों से चुरा लिया गया था। सातवीं वस्तु एक औपचारिक तलवार है, जिसे 1905 में हैदराबाद के निज़ाम के संग्रह से उनके प्रधानमंत्री द्वारा चुराया गया था। इसके अलावा ग्लासगो म्यूजियम के ओर से यह कहा गया है कि ये सामान कानपुर, कोलकाता, ग्वालियर, बिहार और हैदराबाद का है। इसमें से कुछ लगभग 1,000 वर्ष पुराने माने जाते हैं।

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