Sawan 2026: भगवान शिव को समर्पित पवित्र माह सावन (श्रावण) का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। हर साल करोड़ों श्रद्धालु इस पूरे महीने भगवान शिव की पूजा, जलाभिषेक, व्रत और रुद्राभिषेक करते हैं। इस साल सावन 18 जुलाई से शुरू होकर 15 अगस्त तक चलेगा। ये तिथि उत्तर भारत में प्रचलित पूर्णिमांत पंचांग के अनुसार है। सावन हिंदू पंचांग का पांचवां महीना माना जाता है। यह आमतौर पर मानसून के मौसम में आता है और प्रकृति के साथ-साथ आस्था का भी प्रतीक माना जाता है। इस दौरान मंदिरों में शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है और हर सोमवार को विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।
समुद्र मंथन की कथा से जुड़ी मान्यता
धार्मिक मान्यता के अनुसार, सावन का संबंध समुद्र मंथन की कथा से जुड़ा है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब देवताओं और दैत्यों ने समुद्र मंथन किया, तब सबसे पहले हलाहल विष निकला। इस विष से पूरे संसार पर संकट आ गया। तब भगवान शिव ने सभी प्राणियों की रक्षा के लिए यह विष पी लिया। माता पार्वती ने विष को शिव के गले से नीचे नहीं उतरने दिया, जिससे उनका कंठ नीला पड़ गया और वे नीलकंठ कहलाए।
मान्यता है कि यह घटना सावन महीने में हुई थी। इसी कारण यह पूरा महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। श्रद्धालु इस दौरान शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और भांग अर्पित कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। उत्तर भारत और दक्षिण भारत में सावन की शुरुआत अलग-अलग तिथियों पर हो सकती है। इसकी वजह हिंदू पंचांग की दो अलग प्रणालियां हैं। उत्तर भारत में पूर्णिमांत पंचांग, जबकि दक्षिण भारत के कई हिस्सों में अमावस्यांत पंचांग का पालन किया जाता है। इसलिए दोनों क्षेत्रों में सावन की शुरुआत में कुछ दिनों का अंतर हो सकता है।
भगवान शिव की विशेष कृपा
सावन के महीने में विशेष रूप से सावन सोमवार व्रत, कांवड़ यात्रा, रुद्राभिषेक और महामृत्युंजय मंत्र के जाप का विशेष महत्व माना जाता है। इस दौरान श्रद्धालु शिव मंदिरों में जाकर जलाभिषेक करते हैं और सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य तथा मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करते हैं। धार्मिक विद्वानों के अनुसार, सावन का महीना आत्मिक शांति, भक्ति और संयम का संदेश देता है। मान्यता है कि इस पवित्र महीने में सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा करने पर विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन की परेशानियां दूर होती हैं। इसलिए सावन का महीना शिव भक्तों के लिए पूरे वर्ष का सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण समय माना जाता है।
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