अबू आजमी ने पहले औरंगजेब को बताया था महान शासक, जानें अब क्यों अपने ही बयान से लिया यू-टर्न

अबू आजमी ने पहले औरंगजेब को बताया था महान शासक, जानें अब क्यों अपने ही बयान से लिया यू-टर्न

Abu Azmi Aurangzeb Controversy: महाराष्ट्र की समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और विधायक अबू आजमी ने औरंगजेब को महान बताया। जिसके बाद से राज्य में सियासी तूफान आ गया।  ये विवाद इतना बढ़ गया कि अबू आजमी के खिलाफ FIR भी दर्ज कराई गई। इतना सबकुछ होने के बाद अब आखिरकार उन्होंने अपना बयान वापस लेते हुए माफी मांगी है।

अबू आजमी ने मांगी माफी

अबू आजमी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया। जिसमें उन्होंने कहा कि ‘मेरे शब्दों को तोड़-मरोड़ कर दिखाया गया है। बहुत-ही गलत तरीके से उन्हें आपके सामने पेश किया गया है। लेकिन मैंने औरंगजेब रहमतुल्लाह अलेह के बारे में वही कहा है जो इतिहासकारों और लेखकों ने कहा है।' 

उन्होंने आगे कहा कि 'मैंने छत्रपति शिवाजी महाराज, संभाजी महाराज या किसी भी अन्य महापुरुषों के बारे में कोई भी अपमानजनक टिपण्णी नहीं की। लेकिन इसके बाद मेरी इस बात से कोई कोई आहत हुआ है तो मैं अपने शब्द वापस लेता हूं।'

अबू आजमी ने क्या दिया था बयान?

दरअसल, सोमवार, 3मार्च को अबू आजमी ने औरंगजेब को लेकर कहा था कि जब 1857में मंगल पांडे ने अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह शुरू किया था, तब उस समय उनका साथ देने वाले बहादुर शाह जफर थे। तब अंग्रेजों को लगा कि अगर हिंदू और मुसलमान एक-साथ आ गए तो हम भारत पर राज नहीं कर पाएंगे। अगर औरंगजेब ने मंदिर तोड़े थे, तो उन्होंने कई मस्जिदे भी तोड़ी थी। फिर इसमें हिंदू-मुस्लिम करने की कोई जरूरत नहीं है।

इसके बाद अबू आजमी ने मुगल सम्राट औरंगजेब की तारीफ करते हुए उसे भारतीय इतिहास का महान शासक बताया था। उन्होंने कहा राजा अपनी संपत्ति के लिए संघर्ष करते थे, धर्म के नाम पर नहीं। अगर हिंदू औरंगजेब के खिलाफ होते तो 34 फीसदी हिंदू उनके साथ नहीं होते।

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