Kolkata Rape Incident: रेजिडेंट डाक्टरों का देशव्यापी हड़ताल का ऐलान, ओपीडी, इलेक्टिव सर्जरी और लैब रहेंगे बंद

Kolkata Rape Incident: रेजिडेंट डाक्टरों का देशव्यापी हड़ताल का ऐलान, ओपीडी, इलेक्टिव सर्जरी और लैब रहेंगे बंद

Lady Doctor Rape incident: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकता से पिछले दिनों एक ऐसी खबर सामने आई, जिसने सबको सन्न कर दिया था। आरजी कर मेडिकल कॉलेज की एक लेडी डॉक्टर से बालात्कार करने के बाद हत्या कर देने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मृत लेडी डॉक्टर को इंसाफ दिलाने के लिए लोग सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच फेडरेशन ऑफ आल इंडिया रेजिडेंट डॉक्टर्स ने 12 अगस्त को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। फेडरेशन ऑफ आल इंडिया रेजिडेंट डॉक्टर्स ने सभी सरकारी डॉक्टर्स से काम पर ना जाकर, इस हड़ताल में शामिल होने को कहा है। इस संस्था के द्वारा कहा गया है कि 12 अगस्त को देश में सभी ओपीडी, इलेक्टिव सर्जरी और लैब में कामकाज बंद रहेंगे। बता दें, कोलकता में डॉक्टर के साथ हुए अमानविय कृत के बाद सीएम ममता बनर्जी ने आरोपियों को फांसी की सजा दिलवाने का भरोसा दिया है। हालांकि, इंसाफ दिलाने के लिए लगातार डॉक्टर्स के साथ आम लोग भी सड़कों पर उतरे हुए हैं।

 साथी डॉक्टर लगा रहे प्रशासन पर आरोप

प्रदर्शन कर रहे डॉक्टर्स पुलिस की कार्रवाई से खुश नहीं है। उनका कहना है कि पुलिस ने अभी तक सिर्फ एक आरोपी को पकड़ा है, जबकि इस कांड में कई अन्य लोग भी शामिल थे। साथ ही उन्होंने दावा किया कि आरोपी संजय रॉय की गिरफ्तारी के पीछे किसी बड़ी बात को जानबूझकर छुपाया जा रहा है। साथ ही डॉक्टरों नेकहा कि घटनास्थल के आसपास सीसीटीवी फुटेज को भी देखने नहीं दिया गया। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, वे अस्पताल में काम बंद रखेंगे।

आरोपी 14 दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा गया

हालांकि, ये मामला प्रकाश में आते ही पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए आरोपी संजय रॉय को गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहां आरोपी को 14 दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 64 (बलात्कार) और 103 (हत्या) के तहत केस दर्ज किया गया है। हालांकि, शुक्रवार को जब यह मामला सामने आया तो कॉलेज के सुपरिटेंडेंट संजय वशिष्ठ को भी पद से हटाने की मांग होने लगी। संजय वशिष्ठ पिछले 3 साल से इस पद पर बने हुए थे। हालांकि, जब संजय वशिष्ठ के खिलाफ विरोध तेज हुआ तो स्वास्थय विभाग ने उन्हें कॉलेज के सुपरिटेंडेंट पद से हटा दिया।

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