Kartik month Ekadashi: हिंदू धर्म में कार्तिक मास अत्यंत शुभ माना जाता है, जिसकी शुरूआत आज 27 अक्टूबर 2026 मंगलवार से हो चुकी है। जिसका समापन 24 नवंबर 2026 को कार्तिक पूर्णिमा के दिन होगा यह पूरा महीना भगवान विष्णु को समर्पित है। इसी समय भगवान विष्णु चार महीने की योग निद्रा से जागते हैं, जिसके बाद से सभी मांगलिक कार्य दोबारा शुरू हो जाते हैं। इस महीने में पड़ने वाली एकादशी का भी विशेष महत्व है। धार्मिक दृष्टि से पूरे साल में 24 एकादशी आती हैं, जिसका अपना अलग-अलग महत्व और मान्यता है। ठीक वैसे ही कार्तिक मास की पहली एकादशी भी कई मायनों में शुभ मानी जाती है।
कार्तिक मास की पहली एकादशी को रमा एकादशी के नाम से जाना जाता है। दीपावली से ठीक पहले मनाई जाने वाली रमा एकादशी कार्तिक कृष्ण पक्ष में आती है। ऐसे में इसका महत्व और ज्यादा बढ़ जाता है। इस दौरान एकादशी का व्रत रखकर विधि-विधान से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। जिससे भक्तों को सभी पापों से मुक्ति मिलती है और घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मकता का वास होता है। तो चलिए जानते हैं कि इस बार कार्तिक मास की पहली एकादशी कब है? साथ ही इसकी पूजा का शुभ मुहूर्त भी जानते है।
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कार्तिक मास 2026 की पहली एकादशी
हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास की पहली एकादशी तिथि की शुरूआत 04 नवंबर 2026 बुधवार की सुबह लगभग 11 बजकर 3 मिनट पर होगी। जबकि इसका समापन 05 नवंबर को सुबह 10 बजकर 35 मिनट पर होगा। ऐसे में उदया तिथि के आधार पर कार्तिक मास की पहली एकादशी यानी रमा एकादशी की तिथि 05 नवंबर 2026 गुरूवार को पड़ रही है। इसी दिन एकादशी का व्रत भी रखा जाएगा।
रमा एकादशी की पूजा का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:52 बजे से 5:44 बजे तक
अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:43 बजे से दोपहर 12:26 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:30 से 6:00 बजे तक
कब करें व्रत पारण?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी के व्रत का पारण अगले दिन द्वादशी तिथि में किया जाता है। ऐसे में रमा एकादशी के व्रत का पारण 06 नवंबर 2026 शुक्रवार की सुबह लगभग 6:37 बजे से 8:48 बजे के बीच किया जाएगा। हालांकि, शहर के अनुसार, समय में थोड़ा बदलाव होना संभव है।
रमा एकादशी के दिन क्या करें?
1. रमा एकादशी के दिन लक्ष्मी-नारायण की पूजा करें।
2. इस दिन तुलसी माता की भी पूजा करें।
3. इस दिन स्नान, दीपदान का विशेष महत्व है।