Anant Chaturdashi: गणेश चतुर्थी का पावन पर्व अब अपने आखिरी पड़ाव पर है। गणेश विसर्जन कल 25 सितंबर 2026 शुक्रवार अनंत चतुर्दशी के दिन किया जाएगा। इसी दिन गणेशोत्सव का समापन होगा। इस दिन भक्त बप्पा को विदा करेंगे। इस दौरान भगवान गणेश के साथ भगवान विष्णु की भी पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा करने का विधान है। तो चलिए पूजा का शुभ मुहूर्त के बारे में जानते है।
अनंत चतुर्दशी 2026 की तारीख
हिंदू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी तिथि की शुरूआत 24 सितंबर की रात करीब 11:18 बजे होगी। तो वहीं, इसका समापन 25 सितंबर की रात करीब 11:06 बजे होगा। लेकिन हिंदू धर्म में उदया तिथि को विशेष महत्व दिया गया है। इसलिए 25 सितंबर को ही अनंत चतुर्दशी मनाई जाएगी।
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भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा का शुभ मुहूर्त
प्रातः मुहूर्त: सुबह 6:11 बजे से रात 11:06 बजे यानी पूजा का समय 16 घंटे 55 मिनट तक रहेगा। इस अवधि के दौरान पूजा-पाठ करना शुभ है।
अनंत चतुर्दशी की पूजा-विधि
1. सबसे पहले ब्रह्मा मुहूर्त में उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।
2. इसके बाद पूजा स्थल की साफ-सफाई करें।
3. मंदिर के पास एक चौकी लगाएं और उस पर पीले रंग का कपड़ा बिछाएं और व्रत का संकल्प लें।
4. इसके बाद भगवान विष्णु की मूर्ति या फोटो चौकी पर रखें और कलश स्थापित करें।
5. इसके बाद पीला चंदन, अक्षत, फूल, तुलसी दल, फल, जल, भोग अर्पित करें।
6. आखिर में धूप-दीप जलाकर आरती करें और बड़ों का आर्शीवाद लें।
7. शाम को व्रत की कथा सुनें और व्रत का पारण करें।