
नई दिल्ली: महंगाई के बीच लोगों को ईएमआई में राहत की उम्मीद लगाकर बैठे लोगों को आरबीआई ने झटका दिया है। भारतीय रिर्जव बैंक ने अपनी नीतिगत दरों (Repo Rate) में कोई बदलाव नहीं किया गया है। RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा, "2024-25 के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि 7.2% रहने का अनुमान है, जिसमें वृद्धि दर पहली तिमाही में 7.1%, दूसरी तिमाही में 7.2%, तीसरी तिमाही में 7.3% और चौथी तिमाही में 7.2% रहने का अनुमान है। 2025-26 की पहली तिमाही में वास्तविक जीडीपी वृद्धि 7.2% रहने का अनुमान है।"
गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा अप्रैल और मई के दौरान 4.8 प्रतिशत पर स्थिर रहने के बाद मुद्रास्फीति जून में बढ़कर 5.1 प्रतिशत हो गई। उन्होंन कहा कि शक्तिकांत दास कहते हैं, "घरेलू आर्थिक गतिविधि लचीली बनी हुई है। आपूर्ति पक्ष पर, दक्षिण-पश्चिम मानसून में लगातार प्रगति, उच्च संचयी खरीफ बुआई और जलाशय के स्तर में सुधार से खरीफ उत्पादन के लिए बहुत अच्छा संकेत मिलता है। विनिर्माण गतिविधि में तेजी जारी है घरेलू मांग में सुधार के पीछे।"
रेपो दर को 6.5% पर अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया- शाक्तिकांत दास
शक्तिकांत दास ने कहा कि मौद्रिक नीति समिति ने 4:2 बहुमत से पॉलिसी रेपो दर को 6.5% पर अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया। नतीजतन, स्थायी जमा सुविधा (एसडीएफ) दर 6.25% पर बनी हुई है, और सीमांत स्थिति सुविधा (एमएसएफ) दर और बैंक दर 6.75% है।
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