Ranchi Protest: रांची में JPSC-JSSC परीक्षा में धांधली के खिलाफ प्रदर्शन लगातार चल रहा है। 10 अगस्त को छात्रों ने विधानसभा घेराव किया। इस दौरान छात्रों पर पुलिस ने जमकर लाठियां चलाई। लाठीचार्ज के दौरान कई छात्र घायल हुए। छात्रों के खिलाफ आंसू गैस के गोले और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया गया।
मार्च के बाद कुछ छात्र विधानसभा के पास डटे रहे। छात्रों का आरोप है कि शाम के वक्त अंधेरा होने के बाद पुलिस ने उन्हें वहां से हटाने के लिए लाठीचार्ज किया। लाठीचार्ज के दौरान छात्र एक-दूसरे के जख्मों पर मरहम लगाते और मदद करते नजर आए।
छात्रों के खिलाफ पुलिस की बर्बरता
एक छात्र ने आरोप लगाया कि दौड़ा-दौड़ा के लाठीचार्ज किया गया। खेत में भी दौड़ा-दौड़ा कर मारा गया। छात्रों का आरोप है कि प्रदर्शन में शामिल लड़कियों पर भी लाठीचार्ज किया गया। एक अन्य छात्र ने कहा कि यह जब प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण तरीके से बैठे थे और पुलिस के कहने पर ही बैठे हुए थे लेकिन, लाइट बंद कर लाठीचार्ज किया गया। प्रदर्शन में शामिल एक शिक्षक के हाथ में चोट आई है। बताया जा रहा है कि वहलाठीचार्ज के दौरान एक छात्र को बचाने की कोशिश कर थे। घायल छात्रों ने अपने पैरों, हाथों और शरीर के दूसरे हिस्सों पर चोट के निशान दिखाए।
आरोपी अभय तिवारी पर कई खुलासे
यह वही अभय तिवारी उर्फ मनोज कुमार तिवारी है, जिसे सीआईडी ने जेपीएससी मेधा घोटाला मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। उस पर परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड का मार्केटिंग मैनेजर है। सीआईडी को पूछताछ में उसने अपने बड़े-बड़े खुलासे किए हैं। उसने बताया है कि उसे जेएसएससी की सीजीएल परीक्षा में 48वां रैक हासिल हुआ था। उसके अलावा उस परीक्षा में उसका भाई अक्षय तिवारी और अक्षय तिवारी की पत्नी सुषमा कुमारी का भी चयन हुआ था।