
ENTERTAINMENT: सावन का पावन महीना आज से शुरू हो गया है। सुबह से ही शिव मंदिरों में भक्तों की भारी-भीड़ देखी गई। वहीं उज्जैन में स्थित महाकाल के मंदिर में भी बड़े धूम-धाम से भस्म आरती की गई और फिर शिव का श्रृंगार किया गया। साथ ही देशभर में शिव की पूजा की जा रही है। बता दें कि इस बार 2 महीने तक सावन का महीना चलेगा। चलिए आज हम आपको शिव की महिमा की एक कहानी सुनाते है। जहां शिव दिन में तीन बार रुप बदलते है।
अंगूठे की होती है पूजा
दरअसल धौलपुर में स्थित अचलेश्वर महादेव मंदिर है। जहां भगवान शिव के सभी मंदिरों में शिवलिंग या भगवान शिव की मूर्ति की पूजा की जाती है, लेकिन यहां ऐसा नहीं है। इस मंदिर में भगवान शिव के पैर के अंगूठे की पूजा की जाती है। अचलेश्वर महादेव दिन में तीन बार रंग बदलते हैं।
सुबह के समय शिवलिंग लाल, दोपहर में केसरिया और रात को श्याम वर्ण में नजर आता है। मंदिर में भगवान शिव के वाहन नंदी महाराज की करीब चार टन की बड़ी मूर्ति लगी हुई है। बताया जाता है कि नंदी की ये मूर्ति सोना, चांदी, तांबे, पीतल और जस्ता समेत पांच धातुओं से मिलकर बनी है।

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