Rift In Congress: पश्चिम एशिया में जारी तनाव को लेकर राहुल गांधी मोदी सरकार के रुख को लेकर आक्रामक है और सरकार की विदेश नीति की आलोचना कर रहे हैं। अब इसी बात को लेकर कांग्रेस के भीतर मतभेद हो गया है।
पश्चिम एशिया तनाव, एलपीजी सिलेंडर जैसे मुद्दों पर कांग्रेस के भीतर दो राय बन गई है। जहां एक तरफ नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सरकार की खिंचाई कर रहे हैं। तो दूसरी तरफ कांग्रेस के दिग्गज कमलनाथ, आनंद शर्मा और शशि जरूर जैसा नेताओं ने मोदी सरकार की तरफ से उठाए गए कदमों की तारीफ की है।
क्या बोले थरूर, आनंद शर्मा और कमलनाथ
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पश्चिम एशिया तनाव पर मोदी सरकार के रुख को जिम्मेदार कूटनीति बताया। इसी कड़ी में आनंद शर्मा ने कहा कि पश्चिए एशिया को लेकर भारत का कूटनीतिक प्रबंधन परिपक्व रहा है। उन्होंने कहा कि संवेदनशील समय में राष्ट्रीय सहमति और एकजुटता जरूरी है। इसके अलावा मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा था कि राज्य या देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा था कि एलपीजी की कोई किल्लत नहीं है सिर्फ माहौल बनाया जा रहा है।
क्या कांग्रेस में हो रही गुटबाजी?
मोदी सरकार के रुख को लेकर कांग्रेस के भीतर बंटी हुई राय ने हलचल तेज कर दी है। एक तरफ राहुल गांधी ने मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। तो दूसरी तरफ कांग्रेस के कई दिग्गज मोदी सरकार के विदेशी कूटनीति की तारीफ कर रहे हैं। पिछले साल भी ऑपरेशन सिंदूर की तारीफ कई कांग्रेस नेताओं ने की थी। अब पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव पर मोदी सरकार की रणनीति पर कांग्रेस के नेताओं की अलग-अलग राय आ रही है। जिसके बाद गुटबाजी के कयास लगने शुरू हो गए हैं।