Bangladesh Crisis: मंदिरों को कट्टरपंथी बना रहे निशाना, विदेश मंत्री जयशंकर ने हिंदूओं को लेकर जताई चिंता

Bangladesh Crisis: मंदिरों को कट्टरपंथी बना रहे निशाना, विदेश मंत्री जयशंकर ने हिंदूओं को लेकर जताई चिंता

Attack on Temples In Bangladesh: बांग्लादेश में स्थिति लगातार तनावपूर्ण होते जा रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के देश छोड़ते ही हिंसा की आग बांग्लादेश के हिंदुओं के घरों तक आ गई हैं। जानकारी के अनुसार, कई हिंदुओं के घरों पर हमला किया गया है। वहीं, कई मदिरों में प्रदर्शकारियों के द्वारा तोड़फोड़ और आगजनी की गई है। इस बीच भारत सरकार ने हिंदुओं पर हो रहे हमलों पर चिंता जताई है और बांग्लादेश प्रशासन से बात भी की है। इस मामले पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संसद में बयान दिया है। गौरतलब है कि शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद करीब 100 लोगों की हत्या प्रदर्शनकारियों के द्वारा कर दी गई है। प्रदर्शनकारियों के द्वारा खास कर हसीना समर्थित लोगों पर हमले किए जा रहे हैं।

ISKON मंदिर को जलाया गया

बांग्लादेश में चिन्हित करके हिंदू मंदिरों और उनके घरों को निशाना बनाया जा रहा है। खुलना डिविजन के मेहरपुर में स्थित इस्कोन मंदिर पर बीती रात कुछ कट्टरपंथियों ने हमला बोल दिया था। इस दौरान कट्टरपंथियों ने पहले मुर्तियों को क्षतिग्रस्त किया और फिर मंदिर को आग के हवाले कर दिया। इस घटना की पुष्टि खुद इस्कोन के प्रवक्ता गोविंद दास ने की है। उन्होंने जानकारी दी है कि मंदिर में घुस कर पहले कट्टरपंथियों ने तोड़फोड़ की फिर मंदिर को आग के हवाले कर दिया। जानकारी के अनुसार पूरे देश के 29 जिलों में मंदिरों और हिंदुओं पर हमला हुआ है। बांग्लादेश में रह रहे हिंदुओं के हालात ऐसे हो गए हैं कि वो सभी मंदिर के अंदर ही ताला लगाकर रह रहे हैं। गौरतलब है कि बांग्लादेश में हिंदू मात्र 8 फिसदी है। ऐसे में जब देश में चारों ओर अव्यवस्था फैली हुई है, तो कट्टरपंथियों का सबसे आसान टारगेट हिंदू बन गए हैं।

विदेश मंत्री का बयान आया सामने

संसद में विदेश मंत्री ने बांग्लादेश में उपजी परिस्थिति पर चिंता जताई है।विदेश मंत्री ने कहा कि बांग्लादेश की राजनीति में बड़ा और गहरा विभाजन और ध्रुवीकरण हुआ है. हम स्थिति सामान्य होने की उम्मीद कर रहे हैं। हमारी सीमाओं पर सुरक्षा बल स्थिति पर नजर रख रहे हैं और वे अलर्ट पर हैं। बांग्लादेश में करीब 18 हजार के आसपास भारतीय थे, जिनमें से बड़ी संख्या में छात्र वापस आ गए हैं. वहां 12 से 13 हजार लोग अभी हैं। हिंदू अल्पसंख्यकों के कारोबारी प्रतिष्ठानों और मंदिरों पर हमले हुए हैं और यह सबसे चिंताजनक बात है। हम ढाका प्रशासन के संपर्क में हैं और अपने राजदूतों व हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कहा है।

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