
President Droupadi Murmu Event: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के स्वागत में तय प्रोटोकॉल का पालन न करने के मामले में केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने राज्य के मुख्य सचिव से रविवार शाम 5 बजे तक इस पूरे मामले पर रिपोर्ट देने को कहा है। अधिकारियों के अनुसार, रिपोर्ट में यह भी बताना होगा कि दार्जिलिंग जिले में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संताल सम्मेलन का स्थान अचानक क्यों बदला गया। इसके साथ ही कार्यक्रम से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं के बारे में भी जानकारी देने को कहा गया है।
प्रोटोकॉल में हुई चूक
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, केंद्रीय गृह सचिव ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव से राष्ट्रपति के स्वागत के दौरान प्रोटोकॉल में हुई चूक, सम्मेलन स्थल बदलने के कारण और अन्य तैयारियों को लेकर पूरी जानकारी मांगी है। शनिवार को इस मुद्दे पर पश्चिम बंगाल में बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने खुद इस बात पर नाराजगी जताई कि कार्यक्रम का स्थान बदल दिया गया और उनके स्वागत के दौरान तय प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया।
राष्ट्रपति मुर्मू ने उठाया सवाल
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि प्रशासन ने उन्हें बताया था कि बिधाननगर का स्थान छोटा और भीड़भाड़ वाला है, इसलिए कार्यक्रम वहां नहीं हो सकता। लेकिन उनके मुताबिक वहां आसानी से पांच लाख लोग इकट्ठा हो सकते थे। उन्होंने कहा कि उन्हें समझ नहीं आया कि प्रशासन ने सम्मेलन के लिए ऐसी जगह क्यों चुनी, जहां संताल समुदाय के लोग आसानी से पहुंच ही नहीं पाए। उन्होंने कहा कि इस वजह से उन्हें बहुत दुख हुआ।
पूरे देश के लोगों को दुखी किया- प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना को “शर्मनाक और अभूतपूर्व” बताया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार ने सारी सीमाएं पार कर दी हैं और इस अपमान के लिए राज्य का प्रशासन जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति की पीड़ा और चिंता ने पूरे देश के लोगों को दुखी किया है।
ममता बनर्जी ने किया आरोप खारिज
वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इन आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार उन्हें और उनके मंत्रियों को इस कार्यक्रम में मौजूद नहीं होना था। उन्होंने यह भी कहा कि यह कार्यक्रम एक निजी संगठन द्वारा आयोजित किया गया था।
ममता बनर्जी ने यह भी बताया कि सिलीगुड़ी जिला प्रशासन ने पहले ही कार्यक्रम स्थल पर पर्याप्त व्यवस्थाएं न होने की जानकारी राष्ट्रपति सचिवालय को दे दी थी। उन्होंने कुछ तस्वीरें भी साझा कीं, जिनमें कार्यक्रम से दो दिन पहले का मैदान खाली दिख रहा था। फिलहाल इस मामले ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है और अब सभी की नजर केंद्र को भेजी जाने वाली रिपोर्ट पर टिकी हुई है।
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