महाकुंभ के आखिरी स्नान को लेकर तैयारी पूरी, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए नए नियम हुए लागू

महाकुंभ के आखिरी स्नान को लेकर तैयारी पूरी, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए नए नियम हुए लागू

Pryagraj Mahakumbh 2025: प्रयागराज महाकुंभ में आखिरी स्नान 26 फरवरी यानी महाशिवरात्री के दिन होगी। इसको देखते हुए महाकुंभ प्रयागराज क्षेत्र में नए नियम लागू किए गए हैं। आस्था के इस महाकुंभ के समापन से पहले लोग पुण्य स्नान कर लेना चाहते हैं। महाशिवरात्रि पर एक बार फिर से श्रद्धालुओं की भीड़ के सारे रिकॉर्ड टूट सकते हैं।  

26 फरवरी को महाशिवरात्री 

महाकुंभ में 26 फरवरी को महाशिवरात्री और आखिरी स्नान के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने का अनुमान है। जिला प्रशासन और मेला प्रशासन इसे लेकर पूरी तरह से तैयार है और व्यवस्था बनाए रखने में जुटा हुआ है। डीएम रविंद्र कुमार ने पिछले दिनों एक न्यूज एजेंसी से बात करते हुए कहा था कि महाशिवरात्री के स्नान के लिए बड़े स्तर पर तैयारियां की गई थी। श्रद्धालुओं का अनुभव सुखद रहे इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। मुख्य सचिव और डीजीपी ने समीक्षा बैठक कर खुद तैयारियों का जायजा लिया था।

प्रयागराज में ट्रैफिक का क्या हाल?

महाशिवरात्रि और महाकुंभ के आखिरी स्नान को लेकर श्रद्धालु लगातार प्रयागराज पहुंच रहे हैं। सोमवार यानी 24 फरवरी की शाम रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों से संगम जाने वाले रास्तों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई थीं। बड़ी संख्या में प्राइवेट वाहन पहुंचने की वजह से आउटर एरिया की पार्किंग का इतना बुरा हाल रहा कि वाहनों को खड़ा करने की जगह नहीं बची थी। मेला प्रशासन का अनुमान है कि सोमवार से लेकर मंगलवार शाम तक तीन करोड़ से ज्यादा प्रयागराज आ सकते हैं।

36 पार्किंग स्थल बनाए गए  

26 फरवरी को महाशिवरात्रि के स्नान के लिए श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही और सुरक्षा कारणों से मेला क्षेत्र में ट्रैफिक डायवर्जन और पार्किंग की व्यवस्था की गई है। 25 फरवरी की सुबह 8बजे से 27 फरवरी की सुबह 8 बजे तक महाकुंभ मेला क्षेत्र में प्रशासनिक और इमरजेंसी वाहनों के अलावा  हर तरह के वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है। श्रद्धालुओं के लिए बने 36 पार्किंग स्थल भी तैयार किए गए हैं।      

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