
Violence Aganist Hindu In Bangladesh: बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिन्दुओं, बौद्ध और जौन पर अत्याचार जारी है। अब इन पर हो रहे हमलों के खिलाफ आवाज उठाने वालों पर भी बांग्लादेश सरकार कार्रवाई कर रही है। हाल ही में इस्कॉन के प्रवक्ता चिन्मय दास को ढाका एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया है। जिसके बाद उनको जेल में बंद कर दिया गया है। अब इन सब के बीच दुनियाभर के इस्कॉन मंदिरों में हिन्दुओं की सलामती के लिए प्रार्थना आयोजित की गई है। प्रार्थान रविवार यानी 1 दिसंबर को आयोजित की गई है।
बांग्लादेश मे हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार पर भी इस्कॉन ने बयान दिया है। बता दें कि, इस्कॉन बॉडी के कमिश्नर गौरांग दास ने कहा कि, जो कीर्तन हम रविवार को आयोजित करते हैं। वह बांग्लादेश के सभी भक्तों और हिन्दु अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए किया गया है। साथ ही भारत के नेतृत्व के लिए विशेष कीर्तन किया गया। इस्कॉन और इस्कॉन की गवर्निंग बॉ़डी एक दूसरे के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में मौजूद भारत के उच्चायुक्त भी हालात बेहतर करने के लिए सभी से बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस्कॉन और भारतीय उच्चोग मिलकर काम कर रहा है।
चिन्मय दास की गिरफ्तारी का विरोध
बता दें कि 25 नवंबर को बांग्लादेश के सनातनी जागरण जोत संगठन के प्रवक्ता और पुंडरीक धाम के प्रमुख चिन्मय दास को राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। जिसके बाद से बांग्लादेश की मोहम्मद यूनुस सरकरा की आलोचना हो रही है। वहीं, गिरफ्तार होने के बाद बांगलादेश इस्कॉन ने कहा था कि संस्था चिन्मय दास के साथ खड़ा है। इसके अलावा इस्कॉन पर बैन लगाने की मांग भी उठी थी लेकिन बांग्लादेश उच्च न्यायालय ने याचिका को खारिज कर दिया है।
चिन्मय दास पर क्या है आरोप
बता दें कि, बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के सत्ता से बेदखल होने के बाद से ही बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमलों की घटनाएं बढ़ गई हैं। इसके खिलाफ बांग्लादेश के हिंदुओं ने कई बार विरोध प्रदर्शन निकाला। ये विरोध प्रदर्शन सनातनी जागरण जोत संगठन के नेतृत्व में हुआ। जिसके प्रवक्ता चिन्मय कृष्ण दास प्रभु हैं। अक्टूबर में चटगांव में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान चिन्मय कृष्ण दास समेत 19 लोगों के खिलाफ बांग्लादेश के राष्ट्रध्वज के अपमान के आरोप में राजद्रोह का मामला दर्ज हुआ था। उसके बाद 25 नवंबर को चिन्मय दास को ढाका एयरपोर्ट पर गिरफ्तार कर लिया था।
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