
India Developed Employment Scheme: प्रधानमंत्री भारत विकसित रोजगार योजना (ईएलआई) 1अगस्त 2025 को शुरू होने जा रही है, जो अगले दो वर्षों में सेवा और विनिर्माण क्षेत्र में साढ़े तीन लाख से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान करेगी। इस योजना के तहत पहली बार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) में यूनिक अकाउंट नंबर (यूएएन) बनवाने वाले कर्मचारियों को उनकी पहली सैलरी, अधिकतम 15,000रुपये तक, केंद्र सरकार दो किश्तों में देगी। नियोक्ताओं को भी इस योजना के तहत प्रोत्साहन राशि मिलेगी, जिससे रोजगार सृजन को और बढ़ावा मिलेगा। जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र ईपीएफओ के साथ मिलकर इस योजना को सफल बनाने में जुटा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका लाभ उठा सकें।
नोएडा में रोजगार की नई लहर
नोएडा में करीब 60,000सेवा क्षेत्र की कंपनियां और 30,000विनिर्माण इकाइयां हैं, जो इस योजना का मुख्य आधार होंगी। उपायुक्त उद्योग अनिल कुमार के अनुसार, 50से अधिक कर्मचारियों वाली इकाइयों को कम से कम पांच और 50से कम कर्मचारियों वाली इकाइयों को न्यूनतम दो लोगों को रोजगार देना होगा। यह योजना न केवल बेरोजगार युवाओं के लिए वरदान साबित होगी, बल्कि उद्योगों को भी प्रोत्साहित करेगी। कर्मचारी भविष्य निधि विभाग और जिला उद्योग केंद्र मिलकर नियोक्ताओं और कर्मचारियों को जागरूक करने में लगे हैं, ताकि योजना का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे।
31जुलाई को जागरूकता कार्यशाला
इस योजना को गति देने के लिए 31जुलाई को नोएडा के ईकोटेक-12में एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें ईपीएफओ के अधिकारी, कंपनी संचालक और कर्मचारी शामिल होंगे। यह कार्यशाला योजना के लाभों और प्रक्रियाओं को समझाने में अहम भूमिका निभाएगी। भारत विकसित रोजगार योजना न केवल रोजगार के नए द्वार खोलेगी, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।
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