
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय यात्रा के लिए मॉरीशस पहुंच चुके हैं। यात्रा के दौरान पीएम मोदी भारत और मॉरीशस के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजूबत ऊंचाइयों तक ले जाने काम करेंगे। इसके साथ ही पीएम मोदी हिंद महासागर में भारत और अधिक प्रभावशाली बनाने का काम करेंगे। साथ ही दोनों देशों की दोस्ती को और मजबूत करेगी।
मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र राम गुलाम ने राष्ट्रीय दिवस समारोह में शामिल होने के लिए पीएम मोदी को निमंत्रण भेजा था। उनके निमंत्रण पर पीएम मोदी मॉरीशस पहुंचे। जहां बुधवार देश के राष्ट्रीय दिवस समारोह में पीएम मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस समारोह में भारतीय नौसेना के एक जहाज के साथ भारतीय रक्षा बलों की एक टुकड़ी भी समारोह में भाग लेगी।
क्यों कहा जाता है हिंद महासागर का सितारा
मॉरीशस, हिंद महासागर में बसा एक छोटा सा द्वीप देश, अपनी प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के कारण "हिंद महासागर का सितारा" कहलाता है। इसे "मिनी इंडिया" इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसकी लगभग 70%आबादी भारतीय मूल की है। 18वीं और 19वीं सदी में ब्रिटिश शासन के दौरान, बड़ी संख्या में भारतीय मजदूर (खासकर बिहार, उत्तर प्रदेश, और दक्षिण भारत से) गन्ने के खेतों में काम करने के लिए मॉरीशस लाए गए थे। इनके साथ उनकी भाषा, संस्कृति, और परंपराएं भी आईं, जो आज भी जीवित हैं।
मॉरीशस क्यों कहते है मिनी इंडिया
मॉरीशस में हिंदी, भोजपुरी, तमिल, तेलुगु, और मराठी जैसी भारतीय भाषाएं बोली जाती हैं। यहाँ के मंदिर, जैसे कि ग्रैंड बेसिन का गंगा तालाब, भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म के प्रतीक हैं। हर साल महाशिवरात्रि पर लाखों लोग यहाँ शिवलिंग पर भारत से लाया गया गंगाजल चढ़ाते हैं। रामायण और महाभारत की कहानियाँ भी यहाँ की लोक संस्कृति का हिस्सा हैं। इस तरह, मॉरीशस भारतीयता का एक छोटा रूप प्रस्तुत करता है, जिसके कारण इसे "मिनी इंडिया" कहा जाता है।
चीन के प्रभाव को कम करने की कोशिश
पीएम मोदी ने इस दौरे के बाद माना जा रहा है कि हिंद महासागर के चीन के प्रभाव को कम करने के लिए भारत और मॉरीशस के साथ सैन्य और आर्थिक साझेदारी बढ़ सकती है। इस तरह पीएम मोदी न सिर्फ सांस्कृतिक बंधन बनाएंगे, बल्कि चीन के प्रभाव को कम करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
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