
नई दिल्ली: लगातार बारिश की वजह से मौसम बदल रहा है। मौसम बदलने के साथ ही लोग लगातार सर्दी, खांसी, जुखाम से परेशान हो रहे है। लेकिन आपकों जब लगातार खांसी सताने लगे तो आप उसकों ऐसे न छोड़े ये आपके लिए घातक साबित हो सकता है। ऐसे में आज हम आपको सीजन खांसी और टीबी की खांसी के बीच का फर्क बताने जा रहे है ताकि आप लगातार हो रही खांसी को आम न समझे और जल्दी से जल्दी इलाज कराएं।
सामान्या खांसी
सामान्य तौर पर, गले में किसी तरह का इंफेक्शन होने पर खांसी की समस्या होने लगती है, जो सांस की नली में किसी तरह के बलगम या अन्य बाहरी कणों जैसों, सूक्ष्मजीवों, रोगाणुओं, जलन, तरल पदार्थ को शरीर से बाहर निकालने का कार्य करता है और हमारे श्वसन नली और गले को साफ करता है। उसे सामान्या खांसी कहा जाता है।
टीबी खांसी
टीबी यानी ट्यूबरक्युलोसिस बैक्टीरिया से होने वाली फेफड़ों की बीमारी है। यह संक्रामक बीमारी है, जो मरीज के लार, बलगम और उसके संपर्क में रहने से होती है। फेफड़ों के अलावा तपेदिक यूटरस, हड्डियों, मस्तिष्क, लिवर, किडनी और गले में भी हो सकती है। खास बात यह है कि फेफड़े की टीबी के अलावा अन्य अंगों की टीबी संक्रामक नहीं होती है।
जानें दोनो खांसीयों में क्या है अंतर
सामान्य खांसी गले में सूजन आ जाती है। रेस्पि्रेटरी ट्रैक्ट में जलन हो सकती है। और गला बैठने से बोलते वक्त गले में दर्द होता है। वहीं, ज्यादातर मामलों में खांसी के साथ बलगम का आना सामान्यह होता है। जबकि टीबी कि बात करे तो खांसी की मूल वजह टीबी पैदा करने वाला बैक्टीरिया होते है। जो अपने प्रसार के लिए रोगी के शरीर में खांसी पैदा करने वाले अणुओं को पैदा करता है। टीबी, माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस नामक बैक्टीरिया से फैलती है, जो हमारे फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है।
टीबी बीमारी के लक्ष्ण
वजन कम हो रहा हो
भूख कम होने लगे
3 हफ्ते से ज्यादा लगातार खांसी होना
खांसी के साथ बलगम हो
बलगम में कभी-कभार खून आना
शाम या रात में बुखार
सांस लेते हुए सीने में दर्द हो
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