पार्थ चटर्जी ने खाने में की ये फरमाइश, जानें जेल में कैसी कट रही है पार्थ चटर्जी की जिंदगी

पार्थ चटर्जी ने खाने में की ये फरमाइश, जानें जेल में कैसी कट रही है पार्थ चटर्जी की जिंदगी

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की सियासत के दिग्गज नेता इस समय ईडी की कस्टडी में है। पश्चिम बंगाल पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाले में फंसे पार्थ चटर्जी का जीवन कठिनाइयों से घिरता चला जा रहा है। जेल जाने के बाद से उनकी रातों की नींद गायब है। ठाठ-बाठ से दूर प्रेसीडेंसी जेल के जिस वार्ड में पार्थ को रखा गया है, वहां दोषियों और विचाराधीन कैदियों के लिए केवल एक बाथरूम है। पार्थ के पैरों में सूजन भी आ गई है।

इसके बावजूद डॉक्टरों ने पूर्व मंत्री को जेल वार्ड से अस्पताल में शिफ्ट करने की हामी नहीं भरी है। डॉक्टरों ने रविवार सुबह पार्थ की शारीरिक स्थिति को देखा और उन्हें जेल अस्पताल ले जाने की सलाह नहीं दी। इस बीच पार्थ ने जेल मेन्यू चार्ट में बदलाव की मांग की है। उन्होंने रात के खाने में भी चावल की डिमांड की है।

नहाने के लिए एक ही वॉशरूम

जेल के नियमों के मुताबिक विचाराधीन और सजा पाए कैदियों को नहाने के लिए एक ही वॉशरूम का इस्तेमाल करना होता है। पार्थ प्रेसीडेंसी जेल के सेल नंबर दो में बंद हैं और उस वार्ड में नहाने के लिए एक ही वॉशरूम है। शुक्रवार को जेल पहुंचने के बाद से वे रविवार तक नहाए नहीं।

पार्थ के निकलते ही सभी कैदी बैरक में

खबरों के मुताबिक दोपहर में जब पार्थ सेल से नहाने के लिए निकले तो वार्ड के अन्य प्रकोष्ठों के कैदी अपने-अपने कोठरियों में बंद थे। हर बार जब पार्थ को वार्ड से बाहर निकाला जाता है, तो वार्ड के अन्य कैदियों को कमरे के अंदर बंद कर दिया जाता है।

पार्थ के सेल में 24 घंटे सर्विलांस

पार्थ के सेल में 24 घंटे सर्विलांस के लिए सीसीटीवी कैमरा लगाया गया है। वह नहाने के समय को छोड़कर सुबह से शाम तक वार्ड में ही रह रहे हैं। पार्थ के वार्ड के अलग-अलग सेल में आफताब अंसारी, सुदीप्तो सेन, गौतम कुंडू, कादर खान और मूसा जैसे हाई प्रोफाइल अपराधी हैं। छत्रधर महतो और कई माओवादी विचाराधीन आरोपी भी हैं।

ज्यादातर वक्त सोने में बिता रहे

खबरों के मुताबिक मंत्री अपना ज्यादातर वक्त सोने में बिता रहे हैं। सुबह उन्हें बटर टोस्ट और बिस्किट दिया गया। जेल के नियमों के अनुसार रविवार को कैदियों को नॉनवेज मील दी जाती है। दोपहर में पार्थ ने चावल, दाल, करी और मछली का शोरबा खाया. उन्होंने रात में भी चावल देने का अनुरोध किया।

जेल में अर्पिता भी अलग-थलग

वहीं, अलीपुर महिला अर्पिता मुखर्जी दिन के ज्यादातर समय सोती रहीं. वहां भी सुबह का खाना चाय-बिस्किट बटर-टोस्ट था। अर्पिता ने दोपहर में चावल, दाल, करी और मछली खाई। उन्हें भी एक अलग सेल में रखा गया है और कोर्ट के आदेश के अनुसार हर समय कड़ी सुरक्षा रखी जाती है।

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