
Budget 2026: निर्मला सीतारमण लगातार नौवीं बार बजट पेश कर रही हैं। 2019 से अब तक यह उनकी लगातार पेशी है, जो उन्हें भारत के सबसे लंबे समय तक बजट पेश करने वाले वित्त मंत्रियों में शामिल करती है। इस उपलब्धि के साथ वह मोरारजी देसाई के दस बजट का रिकॉर्ड छूने के करीब पहुंच गई हैं, जबकि पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के नौ और प्रणब मुखर्जी के आठ बजट रहे हैं। यह उपलब्धि इस मायने में और खास है कि निर्मला सीतारमण भारत की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री हैं।
बजट पेशी की तारीख में हुआ था बदलाव
1 फरवरी का दिन 2017 से बजट पेश करने की मानक तिथि बनी हुई है। इसे पहले 28 फरवरी को पेश किया जाता था, जिसे अरुण जेटली ने आगे बढ़ाकर फरवरी की शुरुआत में लाया था ताकि नए वित्त वर्ष में नीतियों को जल्दी लागू किया जा सके। सप्ताहांत में बजट पेश करना नया नहीं है—सीतारमण का 2025 का बजट शनिवार को पेश हुआ था, जैसा कि जेटली के 2015-16 के बजट में भी देखा गया था। लेकिन रविवार को बजट पेश करना हाल के वर्षों में पहली बार होगा।
GDP वृद्धि का लगाया जा रहा अनुमान
भारत की वित्त वर्ष 2025-26 की वास्तविक GDP वृद्धि पहली अग्रिम अनुमान (First Advance Estimates) के अनुसार 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के 6.5 प्रतिशत से अधिक है। ये वृद्धि वैश्विक व्यापार तनावों के बावजूद देश की मजबूत आर्थिक स्थिति को दर्शाती है। इसी आर्थिक परिदृश्य के आधार पर बजट में खर्च, कर और सुधारों जैसी प्राथमिकताओं का निर्धारण किया जाएगा।
ये तारीख हुई तय
बजट सत्र 28 जनवरी को राष्ट्रपति के संबोधन के साथ शुरू होगा। इसके अगले दिन 29 जनवरी को आर्थिक सर्वे पेश किया जाएगा। 1 फरवरी को निर्मला सीतारमण का भाषण वित्त वर्ष 2026-27 की प्राथमिकताओं और घरेलू तथा वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाएगा। कुल मिलाकर, बजट 2026 न केवल आर्थिक नीतियों का मार्गदर्शन करेगा, बल्कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के लगातार नौ साल की उपलब्धि को भी दर्शाएगा।
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