Delhi EV policy 2026: दिल्ली सरकार ने आज ‘दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2026-2030’ का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। इस ड्राफ्ट का सबसे बड़ा और सख्त प्रावधान यह है कि 1 अप्रैल 2028 से राजधानी में पेट्रोल या डीजल से चलने वाले किसी भी नए स्कूटर या बाइक का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा। यानी 2028 के बाद दिल्ली की सड़कों पर नई पेट्रोल बाइक या स्कूटर बिकना बंद हो जाएगा। केवल इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर ही नए रजिस्ट्रेशन के लिए उपलब्ध होंगे।
क्यों लिया गया यह फैसला?
दिल्ली में कुल वाहनों का 67 प्रतिशत हिस्सा टू-व्हीलर का है। इनसे होने वाला प्रदूषण शहर की हवा को सबसे ज्यादा खराब करता है। सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक दिल्ली को ‘इलेक्ट्रिक व्हीकल कैपिटल’ बनाया जाए और वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण को तेजी से घटाया जाए। नीति में साफ कहा गया है कि पेट्रोल-डीजल वाहनों पर निर्भरता कम करके इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जाएगा।
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EV ड्राफ्ट में और क्या-क्या है?
1. 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर (ऑटो-रिक्शा) का ही नया रजिस्ट्रेशन होगा।
2. 30 लाख रुपये तक की इलेक्ट्रिक कारों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस पूरी तरह माफ (31 मार्च 2030 तक)।
3. खरीद पर सब्सिडी: इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर पर पहले साल अधिकतम 30,000 रुपये, थ्री-व्हीलर पर 50,000 रुपये तक। यह सब्सिडी DBT के जरिए सीधे खाते में आएगी और तीन साल में घटती जाएगी।
4. स्क्रैपिंग बोनस: पुरानी पेट्रोल-डीजल गाड़ी स्क्रैप करवाने पर अतिरिक्त छूट।
5. सरकारी विभागों और स्कूल बसों में भी इलेक्ट्रिक वाहनों का अनुपात बढ़ाने का लक्ष्य।
6. चार्जिंग स्टेशन और बैटरी रिसाइक्लिंग का बड़ा नेटवर्क विकसित करने का प्लान।