हरियाणा में शहरों को ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार ने मेगा प्लान तैयार किया है। इस योजना के तहत प्रदेश के पांच शहरों में नए बाईपास और रिंग रोड का निर्माण किया जाएगा। इन परियोजनाओं पर करीब 9,700 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बाईपास और रिंग रोड बनने से शहरों के अंदर वाहनों का दबाव कम होगा और लोगों को जाम की समस्या से राहत मिलेगी।
इन परियोजनाओं के लिए शहरों के आसपास स्थित गांवों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी। हरियाणा सरकार ने संबंधित परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मंजूरी के बाद कई परियोजनाओं की डीपीआर तैयार हो चुकी है, जबकि कुछ स्थानों पर भूमि अधिग्रहण और निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
हरियाणा के इन 5 शहरों में बनेंगे बाईपास और रिंग रोड
राज्य सरकार की योजना के तहत हिसार, कुरुक्षेत्र-लाडवा, नारनौल, जींद और सोहना-पलवल क्षेत्र में बाईपास परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन सड़कों के निर्माण से दूसरे शहरों की ओर जाने वाले वाहनों को भीड़भाड़ वाले बाजारों और मुख्य सड़कों से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा।
सरकार का उद्देश्य शहरों में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के साथ-साथ प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों और दूसरे शहरों के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है।
जींद में बाईपास का शेष निर्माण होगा पूरा
जींद शहर के काफी हिस्से में बाईपास का निर्माण पहले ही हो चुका है। हालांकि, कैथल, नरवाना, पानीपत, गोहाना, रोहतक और भिवानी रोड को बेहतर तरीके से जोड़ने के लिए बाईपास का एक हिस्सा अभी बाकी है।
अब कैथल रोड से भिवानी रोड के बीच बाईपास निर्माण को मंजूरी मिलने के बाद इस परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा। इसके लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जानी है। शेष हिस्सा बनने से जींद शहर में यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है।
एक लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में बनेंगे रिंग रोड
हरियाणा सरकार शहरों की आबादी और यातायात की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रिंग रोड बनाने की योजना पर काम कर रही है। योजना के अनुसार, एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में रिंग रोड निर्माण की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है।
रिंग रोड बनने से शहर के बीच से गुजरने वाले भारी वाहनों को बाहर से ही निकाला जा सकेगा। इससे लोगों का सफर आसान होने के साथ-साथ सड़क दुर्घटनाओं और ट्रैफिक जाम की समस्या कम करने में भी मदद मिल सकती है।
हिसार बाईपास की डीपीआर तैयार
हिसार में नए बाईपास को मंजूरी मिलने के बाद इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर ली गई है। प्रस्तावित बाईपास एनएच-52 के हिसार-राजगढ़ रोड को हिसार-दिल्ली रोड और हिसार-दिल्ली रोड को हिसार-कैथल रोड से जोड़ने में मदद करेगा।
इससे इन मार्गों पर जाने वाले वाहन शहर के भीतर प्रवेश किए बिना बाईपास के रास्ते अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। कुरुक्षेत्र-लाडवा बाईपास की डीपीआर भी तैयार हो चुकी है। इन परियोजनाओं पर आगे काम शुरू होने की संभावना है।
नारनौल में 11 और सोहना-पलवल में 24 किलोमीटर लंबा बाईपास
नारनौल में करीब 11 किलोमीटर लंबे बाईपास के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इसे राष्ट्रीय राजमार्ग-148बी से जोड़ा जाएगा। वहीं, सोहना-पलवल क्षेत्र में लगभग 24 किलोमीटर लंबा बाईपास प्रस्तावित है।
जींद में एनएच-352 पर चार लेन के बाईपास का निर्माण भी योजना का हिस्सा है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद स्थानीय यातायात और लंबी दूरी के वाहनों की आवाजाही को अलग करने में मदद मिलेगी।
अंबाला रिंग रोड और सिरसा में अंडरपास पर भी काम
अंबाला शहर और अंबाला कैंट को जोड़ने वाली रिंग रोड का निर्माण कार्य भी जारी है। इसे जल्द पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, सरकारी बैठक में सिरसा के सिविल स्टेशन रोड पर रेलवे अंडरपास के निर्माण सहित महेंद्रगढ़ क्षेत्र की कई सड़क परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई।
कुल मिलाकर, हरियाणा सरकार की इन सड़क परियोजनाओं का उद्देश्य शहरों को जाम मुक्त बनाना, यातायात व्यवस्था सुधारना और प्रमुख मार्गों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत करना है। हालांकि, परियोजनाओं की वास्तविक समय-सीमा और निर्माण की प्रगति संबंधित विभागों की आधिकारिक जानकारी के अनुसार स्पष्ट होगी।