
Nepal Politics: नेपाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। 35 साल के इंजीनियर, रैपर और अब नेता बने Balen Shah देश के अगले प्रधानमंत्री बनने की दौड़ में आगे नजर आ रहे हैं। शुक्रवार को वोटों की गिनती के शुरुआती रुझानों में उनकी पार्टी Rashtriya Swatantra Party को बढ़त मिलती दिखाई दे रही है। बालेन शाह फिलहाल काठमांडू के मेयर हैं और नेपाल में युवाओं के उभार का बड़ा चेहरा बनकर सामने आए हैं। पिछले साल युवाओं के नेतृत्व में हुए बड़े विरोध प्रदर्शनों के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री KP Sharma Oli की सरकार को सत्ता से हटना पड़ा था।
नेपाल और चीन के संबंध
बालेन शाह की पार्टी सत्ता में आती है तो नेपाल की विदेश नीति में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। माना जा रहा है कि उनकी सरकार चीन के साथ संबंधों को पहले की तुलना में अधिक सावधानी से आगे बढ़ा सकती है। इससे पहले ओली सरकार के दौरान नेपाल और चीन के बीच काफी करीबी संबंध बने थे। बालेन शाह कई बार चीन के बढ़ते प्रभाव को लेकर चिंता जता चुके हैं। हालांकि उन्होंने खुद को सीधे तौर पर चीन विरोधी नहीं बताया है, लेकिन संप्रभुता और राष्ट्रीय हित से जुड़े मुद्दों पर उन्होंने कई बार सवाल उठाए हैं।
भारत और चीन के बीच व्यापार का समझौता
उदाहरण के तौर पर, जब KP Sharma Oli चीन दौरे पर गए थे, तब शाह ने उनसे Lipulekh Pass से जुड़े मुद्दे को उठाने की अपील की थी। यह इलाका भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से विवाद का विषय रहा है। शाह ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि भारत और चीन के बीच इस रास्ते से व्यापार का समझौता नेपाल की संप्रभुता को प्रभावित करता है।
इस बात पर शाह है असंतोष
साल 2023 में शाह ने चीन की अपनी प्रस्तावित यात्रा भी रद्द कर दी थी। उस समय चीन की ओर से जारी एक नक्शे में नेपाल द्वारा दावा किए गए इलाके को भारत का हिस्सा दिखाया गया था। शाह ने इस पर असंतोष जताते हुए अपनी यात्रा रद्द कर दी थी। आर्थिक मामलों में भी शाह ने संतुलित रुख अपनाया है। उन्होंने अपने चुनावी घोषणा पत्र से चीन समर्थित Belt and Road Initiative के तहत बनने वाले एक इंडस्ट्रियल पार्क के प्रस्ताव को हटा दिया था। इसकी वजह भारत की सुरक्षा चिंताओं को बताया गया था, क्योंकि यह परियोजना Siliguri Corridor के पास प्रस्तावित थी।
विदेशी निवेश जरूरी- शाह
हालांकि, शाह ने यह भी कहा है कि नेपाल के विकास के लिए विदेशी निवेश जरूरी है, लेकिन उन्होंने देश के कुछ नेताओं पर चीन के साथ जरूरत से ज्यादा करीब रखने का आरोप लगाया है। नेपाल की संसद के लिए गुरुवार को हुए चुनाव में करीब 60 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। यह चुनाव पिछले साल हुए बड़े युवा आंदोलनों के बाद पहला राष्ट्रीय चुनाव है।
RSP ने हासिल की लोकप्रियता
साल 2022 में बनी Rashtriya Swatantra Party ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान और प्रशासनिक सुधार के वादों के साथ खासकर शहरी और युवा मतदाताओं के बीच तेजी से लोकप्रियता हासिल की है। रैपर के रूप में पहचान बनाने वाले बालेन शाह अब नेपाल की नई राजनीतिक दिशा का चेहरा बनते नजर आ रहे हैं। अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है, तो नेपाल की राजनीति और विदेश नीति दोनों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
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