
Rahul Gandhi calls Bittu traitor: संसद के बजट सत्र के दौरान आज एक बार फिर राजनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया, जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच संसद परिसर में तीखी बहस हुई। यह बहस मकर द्वार के पास हुई, जहां कांग्रेस के निलंबित सांसद अपनी सस्पेंशन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर व्यक्तिगत हमले किए, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
क्या है पूरा मामला?
घटना की शुरुआत तब हुई जब राहुल गांधी कांग्रेस सांसदों की आठ दिनों की सस्पेंशन के खिलाफ प्रदर्शन स्थल पर मौजूद थे। जो 2020 के चीन-लद्दाख सीमा विवाद पर चर्चा की मांग के दौरान सदन में कागज फेंकने और व्यवधान पैदा करने के कारण लगाई गई थी। तभी वहां से रवनीत सिंह बिट्टू गुजर रहे थे। राहुल ने बिट्टू को इशारा करते हुए कहा कि एक गद्दार यहीं से गुजर रहा है और उसके चेहरे को देखो। इसके बाद उन्होंने हाथ मिलाने की कोशिश की और मजाकिया लहजे में बोले 'हैलो भाई, मेरे गद्दार दोस्त। चिंता मत करो, तुम एक दिन वापस जरूर आ जाओगे।' यह टिप्पणी बिट्टू के राजनीतिक सफर पर कटाक्ष थी, क्योंकि वे पहले कांग्रेस में थे और अब भाजपा में शामिल हो चुके हैं।
रवनीत सिंह बिट्टू का जवाब
लेकिन बिट्टू ने राहुल से हाथ मिलाने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया और पलटवार करते हुए कहा 'मैं देश के दुश्मनों से हाथ नहीं मिलाता।" इससे पहले उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर तंज कसते हुए कहा कि ये लोग मानो कारगिल की जंग जीतकर आए हैं। सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी में यह बहस थमी। लेकिन इसका एक वीडियो सामने आया, जिसमें प्रदर्शनकारी सांसद प्लेकार्ड्स लिए हुए थे, जिन पर 'पीएम इज कॉम्प्रोमाइज्ड' जैसे नारे लिखे थे।
रवनीत सिंह बिट्टू का राजनीतिक बैकग्राउंड इस विवाद की जड़ है। वे लुधियाना से तीन बार कांग्रेस के सांसद रह चुके हैं, लेकिन हाल ही में उन्होंने पार्टी छोड़कर भाजपा जॉइन की और केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह पाई। कांग्रेस नेता उन्हें लगातार 'गद्दार' कहकर निशाना बनाते रहे हैं, जो उनकी पुरानी निष्ठा पर सवाल उठाता है। इस घटना ने दोनों पार्टियों के बीच पहले से चली आ रही कड़वाहट को और बढ़ा दिया है।
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