कांग्रेस में शोक की लहर...वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश कलमाड़ी का निधन, आज होगा अंतिम संस्कार

कांग्रेस में शोक की लहर...वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश कलमाड़ी का निधन, आज होगा अंतिम संस्कार

Former Union Minister Suresh Kalmadi Passes Away:कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के पूर्व अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी का 81 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे थे, जिनका पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में इलाज चल रहा था। परिवार के सूत्रों के अनुसार, कलमाड़ी ने मंगलवार तड़के करीब 3:30 बजे अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार आज पुणे में ही किया जाएगा।

सुरेश कलमाड़ी का अंतिम संस्कार

सुरेश कलमाड़ी के कार्यालय से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि उनका पार्थिव शरीर दोपहर 2 बजे तक एरंडवणे स्थित उनके आवास 'कलमाड़ी हाउस' में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद दोपहर 3:00 बजे नवी पेठ स्थित वैकुंठ श्मशान भूमि में उनका अंतिम संस्कार संपन्न होगा। उनके परिवार में पत्नी, बेटा, बहू, दो बेटियां, दामाद और पोते-पोतियां शामिल हैं। उनके निधन की खबर पर राजनीतिक दलों के नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। कई नेताओं ने उनकी पुणे के विकास में भूमिका और खेल जगत में योगदान को याद किया।

सुरेश कलमाड़ी का राजनीतिक करियर और खेल प्रशासन में योगदान

बता दें, सुरेश शामराव कलमाड़ी का जन्म 1 मई 1944 को मद्रास (अब चेन्नई) में हुआ था। उन्होंने भारतीय वायुसेना में पायलट के रूप में सेवा की और 1974 में सेवानिवृत्त हुए। राजनीति में आने के बाद वे 1996, 2004 और 2009 पुणे से कई बार लोकसभा सांसद चुने गए। इसके अलावा पी. वी. नरसिम्हा राव सरकार में वे रेलवे राज्य मंत्री रहे। साथ ही, खेल प्रशासन में उनका नाम प्रमुखता से जुड़ा रहा। वे भारतीय ओलंपिक संघ के लंबे समय तक अध्यक्ष रहे और 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स को भारत लाने में अहम भूमिका निभाई।

लेकिन साल 2010 दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स के आयोजन समिति के अध्यक्ष के रूप में कलमाड़ी पर भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और धन के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगे। CBI ने जांच की और साल 2011 में उन्हें गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया। वे करीब 10 महीने जेल में रहे। हालांकि, लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अप्रैल 2025 में दिल्ली की अदालत ने ED की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया, जिसमें मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में कोई सबूत नहीं मिला। इस तरह उन्हें अधिकांश मामलों में क्लीन चिट मिल चुकी है।

 

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