क्या है तेलंगाना का भेड़ घोटाला? जिसमें ED ने 8 ठिकानों पर की ताबड़तोड़ छापेमारी

क्या है तेलंगाना का भेड़ घोटाला? जिसमें ED ने 8 ठिकानों पर की ताबड़तोड़ छापेमारी

Telangana's Sheep Scam: तेलंगाना में भेड़ वितरण घोटाला (Sheep Distribution Scam) मामला सुर्खियों में बना हुआ है। इस घोटाले के सिलसिले में ED ने 30जुलाई को हैदराबाद में आठ ठिकानों पर छापेमारी की। जानकारी के अनुसार, यह मामला पूर्ववर्ती भारत राष्ट्र समिति (BRS) सरकार से जुड़ा हुआ है। जिसमें भेड़ पालन विकास योजना (Sheep Rearing Development Scheme) का गलत फायदा उठाया जा रहा है।

 भेड़ वितरण घोटाला क्या है?

दरअसल, भेड़ वितरण घोटाला तेलंगाना सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना से जुड़ा है। जिसका उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और पशुपालकों, खासकर गोपन्ना समुदाय को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना था। इस योजना के तहत, पात्र लाभार्थियों को भेड़-बकरियां खरीदने के लिए सब्सिडी और वित्तीय सहायता प्रदान की जानी थी। सरकार ने इस योजना के लिए सैकड़ों करोड़ रुपये आवंटित किए थे। जिसका प्रबंधन पशुपालन विभाग और संबंधित एजेंसियों द्वारा किया गया।

हालांकि, इस योजना के तहत बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए। जांच में पाया गया कि योजना के तहत आवंटित धन का एक बड़ा हिस्सा गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया। कथित तौर पर, कुछ अधिकारियों, ठेकेदारों और बिचौलियों ने मिलकर फर्जी लाभार्थियों के नाम पर धन हड़प लिया, नकली बिल बनाए गए, और भेड़ों की खरीद में हेराफेरी की गई। शुरुआती जांच के अनुसार, इस योजना के तहत .1करोड़ रुपये का घोटाला किया गया है। लेकिन शुरुआती अनुमानों के आधार पर यह घोटाला 1,000करोड़ रुपये तक का हो सकता है, जो पूरे राज्य में फैला हुआ है।

ED की छापेमारी

30 जुलाई को ED ने इस घोटाले की जांच को तेज करते हुए हैदराबाद में आठ ठिकानों पर छापेमारी शुरू की। ये छापेमारियां उन व्यक्तियों और संगठनों के परिसरों पर की गईं, जिन पर धन के दुरुपयोग और मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने का शक है। दरअसल, ED की यह कार्रवाई तेलंगाना के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) द्वारा पहले दर्ज किए गए एक मामले पर आधारित है, जिसमें 700 करोड़ रुपये की हेराफेरी का आरोप लगाया गया था। ACB ने पहले ही कई लोगों को गिरफ्तार किया था और उन्हें रिमांड पर भेजा था।

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