
Nithari Murder Case: नोएडा का निठारी हत्याकांड एक बार फिर सुर्खियों में आया है। दरअसल, इस मामले के मुख्य आरोपी सुरेंद्र कोली और मोनिंदर सिंह पंढेर को इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा अक्टूबर 2023में बरी किए जाने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने 30जुलाई को बरकरार रखा। कोर्ट ने CBI, उत्तर प्रदेश सरकार और पीड़ित परिवारों की ओर से दायर 14अपीलों को खारिज कर दिया। जिसमें हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई थी।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, निठारी कांड दिसंबर 2006में तब सामने आया, जब नोएडा के सेक्टर-31में मोनिंदर सिंह पंढेर के घर के पास एक नाले में बच्चों और युवतियों के कंकाल मिले थे। इस मामले में मोनिंदर सिंह औऱ सुरेंद्र कोली जो उनके घर में नौकर के रूप में काम करता था, उन्हें गिरफ्तार किया गया। पुलिस जांच में दोनों पर हत्या, बलात्कार, अपहरण, और साक्ष्य नष्ट करने जैसे गंभीर आरोप लगे। जांच के दौरान कोली ने कथित तौर पर कई हत्याओं की बात कबूल की थी।
जिसके बाद CBI ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ली और साल 2007में कोली और पंढेर के खिलाफ कुल 19मामले दर्ज किए। निचली अदालत ने कोली को 12मामलों में और पंढेर को दो मामलों में मौत की सजा सुनाई थी। लेकिन इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अक्टूबर 2023में इन सजाओं को पलटते हुए दोनों को बरी कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि जांच में खामियां थीं और अभियोजन पक्ष ठोस सबूत पेश करने में विफल रहा। जिस वजह से उनकी सजा रद्द की जाती है।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला
वहीं, अब 30 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस बी.आर. गवई और जस्टिस अगस्ताइन जॉर्ज मसीह की पीठ ने CBI, उत्तर प्रदेश सरकार और पीड़ित परिवारों की अपीलों पर सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के बरी करने के फैसले में कोई 'विकृति' (perversity) नहीं पाई गई। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में जांच एजेंसियों, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश पुलिस और CBI, की जांच को लापरवाही भरा और सबूत जुटाने के बुनियादी नियमों का उल्लंघन करने वाला करार दिया था। जिस वजह से कोर्ट ने इन अपीलों को खारिज कर दिया और कोली व पंढेर की बरी को बरकरार रखा।
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