
Haryana News: हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के एक बहादुर सैनिक की जम्मू-कश्मीर में ड्यूटी के दौरान मौत हो गई। वे आतंकवाद विरोधी अभियानों में तैनात थे और एक दुर्गम इलाके में गश्त कर रहे थे जब यह हादसा हुआ। इस घटना से उनके परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई है, जबकि सेना ने इसे एक बड़ा नुकसान बताया है।
गश्त के दौरान हादसे में हुए शहीद
शहीद सैनिक का नाम सूबेदार हीरालाल था, जो राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) की एक विशेष इकाई में तैनात थे। यह इकाई भारतीय सेना की आतंकवाद निरोधक शाखा है। यह घटना 09 जनवरी को उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के एक संवेदनशील और पहाड़ी इलाके में हुई। वे अपने साथियों के साथ नियमित गश्त पर थे। बर्फबारी और फिसलन भरे संकरे रास्तों के कारण उनका संतुलन बिगड़ा और वे गहरी खाई में गिर गए। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। सेना के अधिकारियों ने बताया कि इलाका काफी जोखिम भरा था, जहां सैनिकों को लगातार खतरे का सामना करना पड़ता है।
आज होगा अंतिम संस्कार
शहीद के पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटकर आज 10 जनवरी को उनके पैतृक गांव अकबरपुर लाया गया। यहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। गांव में तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें स्थानीय निवासी, पूर्व सैनिक और जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। लोग आंसू भरी आंखों से उन्हें विदाई देंगे। सेना की एक टुकड़ी सलामी देगी। मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं ने शहीद को श्रद्धांजलि दी है, साथ ही परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। यह घटना हरियाणा के लिए गर्व का विषय है।
कौन थे शहीद सूबेदार हीरालाल?
बता दें, सूबेदार हीरालाल का जन्म 27 अप्रैल 1981 को हुआ था। वे महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल क्षेत्र के अकबरपुर गांव के निवासी थे। सेना में उन्होंने करीब 23 साल की सेवा दी थी, जिसमें कई चुनौतीपूर्ण तैनातियां शामिल रहीं। वे एक अनुशासित और समर्पित सैनिक के रूप में जाने जाते थे, जो हमेशा देश की सुरक्षा को प्राथमिकता देते थे। उनकी बहादुरी की कहानियां गांव में आज भी प्रेरणा का स्रोत हैं।
उनके परिवार में उनके 88 वर्षीय पिता हरिराम हैं, जिन्हें दिल संबंधी बीमारी है और अक्सर अस्वस्थ रहते हैं। शहीद की पत्नी रोशनी देवी गृहिणी हैं, जबकि बेटा गजेंद्र पुणे के आईआईटी में पढ़ाई कर रहा है। बेटी स्नेहलता दिल्ली में नर्सिंग की शिक्षा ले रही है। इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव के लोग परिवार को सांत्वना दे रहे हैं और सेना की ओर से सहायता प्रदान की जा रही है।
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